मैनपुरी। गर्मी वाली मक्का खेतों में काटी जा रही है। खंदाई के बाद दो से तीन दिन धूप में मक्का सुखाई जाती है। बहुत से किसान खेत या अन्य सुरक्षित स्थान के बजाय आसपास की सड़क पर ही मक्के को सुखा रहे हैं। इस दौरान वाहन सवार जान हथेली पर लेकर निकलते हैं। बाइक का पहिया फिसलने पर कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। पूर्व में दो सगी बहनों की मौत भी हो चुकी है लेकिन इसके बाद भी जिम्मेदार इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
जिले के प्रमुख मार्गों में भोगांव रोड, आगरा रोड, कुरावली रोड, कुसमरा रोड आदि सड़कों पर सुबह होते ही मक्का फैला दी जाती है। आवागमन के लिए बमुश्किल आधी सड़क ही बचती है। जब विपरीत दिशा से वाहन आते हैं तो खतरा बढ़ जाता है। दानों पर चढ़कर पहिये फिसले तो दुर्घटना बचनी मुश्किल हो जाती है। वहीं करहल रोड, जीटी रोड भोगांव रोड पर भी मक्का फैला कर सुखाई जाती है। इससे दुर्घटना का खतरा बढ़ा हुआ है।
करहल के गांव अगरापुर निवासी 50 वर्षीय रामप्रवेश 23 जुलाई 2025 को 20 वर्षीय पुत्री अनामिका और 25 वर्षीय चचेरी बहन उत्प्रेक्षा उर्फ मीनेश को साथ लेकर बटेश्वरधाम दर्शन के लिए गए थे। लौटते समय नसीरपुर थाना क्षेत्र में सड़क पर सूख रही मक्का पर उनकी बाइक रपट गई। पीछे से आ रहे डंपर ने तीनों को चपेट में ले लिया। मौके पर ही उत्प्रेक्षा की मौत हो गई थी। वहीं, राम प्रवेश व उनकी बेटी अनामिका गंभीर रूप से घायल हो गए थे। अस्पताल ले जाते समय अनामिका ने भी दम तोड़ दिया था।
शुक्रवार को भोगांव रोड पर एक बाइक सवार मैनपुरी मोहल्ला खगरगजीत नगर निवासी सोनू और अमित भोगांव से मैनपुरी लौटते समय घायल हो गए। दोनों के सिर में गंभीर चोट आने पर परिजन पहले उन्हें एक निजी अस्पताल ले गए। वहां से उन्हें मेडिकल कॉलेज सैफई भेजा गया है। जिले के किसानों के सामने मक्का सुखाने की समस्या है। मक्का ड्रायर की व्यवस्था के प्रयास किए जा रहे हैं। इससे किसानों को मक्का सुखाने में कोई दिक्कत नहीं होगी। किसानों से अपील है कि वह बीच सड़क पर मक्के की फसल को न सुखाएं। -डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी, जिलाधिकारी मैनपुरी