मैनपुरी। परिवहन निगम में तैनात महिला संविदा परिचालक ने रूट बंद करने के मामले में प्रबंधक निदेशक उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम को पत्र भेज शिकायत की है और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। वहीं, एआरएम और जांच टीम पर गलत तरीके से कार्रवाई का आरोप लगाया है। सूचना अधिकार अधिनियम के तहत मांगी गई जानकारी भी न दिए जाने की बात कही है।
संविदा परिचालक शिवानी निवासी जसवंतपुर ने प्रबंध निदेशक उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम और क्षेत्रीय प्रबंधक इटावा को पत्र लिखा है। कहा है कि 22 जनवरी को उनकी बस में अवैध रूप से जांच टीम ने जांच कर 16 यात्री बिना टिकट दिखाए। जिस स्थान पर जांच की बात कही गई है वह जांच केंद्र भी नहीं है। इसके साथ ही शासनादेश के विपरीत बिना बॉडी वार्न कैमरा के मोबाइल से जांच कराई है। जांच टीम ने उच्चाधिकारियों को न तो किसी सवारी का वर्जन दिया है और न ही जरूरी अभिलेख। शिवानी ने जांच टीम पर दो दिन पहले रुपये मांगने का आरोप भी लगाया है। शिवानी ने जांच अधिकारियों के साथ बातचीत का एक ऑडियो भी अधिकारियों को भेजा है।
राष्ट्रीय अवकाश के दिन कैसे बहाल कर दिया चालक
शिवानी ने उच्चाधिकारियों को भेजे पत्र में आरोप लगाया है कि एआरएम मैनपुरी संजीव कुमार ने उसके साथी संविदा चालक नितिन कुमार का रूट खोल दिया है। इसका आदेश राष्ट्रीय अवकाश 26 जनवरी के दिन जारी किया गया है। राष्ट्रीय अवकाश के दिन आदेश कैसे जारी हो गया है इसकी भी जांच करानी चाहिए। उसने आदेश की प्रति भी प्रबंध निदेशक को भेजी है।
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संविदा परिचालक शिवानी का रूट 16 यात्री बिना टिकट पाए जाने पर बंद किया गया है। इसकी जांच एआरएम शिकोहाबाद कर रहे हैं। इनके द्वारा जांच से भटकाने के लिए इस प्रकार के आरोप लगाए जा रहे हैं। आरोप पूरी तरह से निराधार हैं।
संजीव कुमार, एआरएम मैनपुरी डिपो