मैनपुरी। जिले में जर्जर परिषदीय स्कूल भवनों को ध्वस्त करने की प्रक्रिया में नया मोड़ आया है। 66 चिह्नित जर्जर स्कूलों में से 40 की नीलामी असफल रहने के बाद अब जिला समिति ने ग्राम पंचायतों को यह जिम्मेदारी सौंपी है। इन भवनों को विद्यालय प्रबंध समिति की देखरेख में ध्वस्त किया जाएगा।
तत्कालीन बीएसए दीपिका गुप्ता के निर्देश पर खंड शिक्षाधिकारियों ने जिले में 66 जर्जर स्कूलों की सूची तैयार की थी। जिलाधिकारी द्वारा गठित जिला समिति ने जांच के बाद इन सभी स्कूलों को जर्जर घोषित किया। पिछले तीन महीने में इन जर्जर स्कूलों के ध्वस्तीकरण के लिए तीन बार नीलामी कराई गई। नीलामी प्रक्रिया में 26 स्कूलों के लिए मानक के अनुसार बोली लगी और उन्हें ध्वस्त भी करा दिया गया। हालांकि, शेष 40 स्कूलों के लिए मानक के अनुसार बोली नहीं लगी। इसके बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला समिति ने संबंधित ग्राम पंचायतों को पत्र लिखा है। पत्र में ग्राम पंचायतों को जर्जर भवनों को ध्वस्त कराने और मलबे का उपयोग स्कूल के विकास के लिए करने के निर्देश दिए गए हैं। यह कार्रवाई विद्यालय प्रबंध समिति की देखरेख में की जाएगी।
40 जर्जर स्कूलों के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई चल रही है। इसके लिए जिला समिति ने ग्राम पंचायतों को जिम्मेदारी दी है। ग्राम पंचायतों को पत्र भेजा गया है। जल्द ही संबंधित जर्जर भवन ध्वस्त कराए जाएंगे।
अभिजीत जायसवाल, जिला समन्वयक निर्माण