फोटो 44 ओमान में फंसे शिप पर मौजूद अंजली आर्य। स्रोत स्वयं
- फोटो : सांकेतिक
किशनी। मर्चेंट नेवी में कार्यरत नगर की इंजीनियर ईरान युद्ध में फंस गई। शिप ओमान की खाड़ी में रुक जाने से वह वापस नहीं आ पा रही है। चार दिन के बाद शनिवार शाम को बेटी से संपर्क होने पर परिजनों ने राहत की सांस ली हैं। प्रधानाध्यापक पिता ने भारत सरकार से बेटी को वापस बुलाने की मांग की है।
नगर के सदर बाजार निवासी अवधेश कुमार प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक हैं। उनकी 21 वर्षीय पुत्री अंजली आर्य मर्चेंट नेवी में इंजीनियर हैं।अंजली का शिप 5 मार्च को गुजरात से एलपीजी लेने ईरान गया था। उसी दौरान ईरान और इस्राइल युद्ध शुरू हो गया तो शिप ओमान की खाड़ी में रुक गया है। अंजली के शिप पर फंस जाने पर परिजन चिंतित हैं। अंजली के पिता अवधेश कुमार ने बताया कि तीन दिन पहले उनकी अंजली से व्हाट्सएप पर बात हुई थी, तब उसने बताया कि आपातकाल में शिप ओमान की खाड़ी में रुका हैं। उसके बाद से अवधेश कुमार का बेटी से फोन पर सम्पर्क नहीं हो पा रहा था, जिससे उसकी घर वापसी के लिये वह लोग बहुत परेशान हैं।
बेटी से बात होने पर भावुक हुए माता- पिता
कई दिन से बेटी का शिप समुद्र के बीच में फंसा होने पर पिता अवधेश कुमार व मां रेखा देवी बेहद चिंता में हैं। शनिवार शाम को अंजली का व्हाट्सएप पर फोन आने पर परिजनों ने राहत की सांस ली। अंजली ने अपने पिता अवधेश कुमार को बताया कि उनका शिप मिसाइल खतरे से बचाव के लिये ओमान की खाड़ी में रोक दिया गया है। शिप पर मौजूद सैन्य अधिकारियों ने उन्हें बताया है कि सीज फायर के हालात बन रहे हैं।अगर युद्ध विराम हुआ तो एक सप्ताह में शिप गुजरात आ जायेगा। बेटी से बात करने के बाद परिजनों की परेशानी कम हुई है। अवधेश कुमार ने भारत सरकार से मध्यस्थता कर बेटी को सकुशल वापस बुलाने की मांग की है।
फोटो 44 ओमान में फंसे शिप पर मौजूद अंजली आर्य। स्रोत स्वयं- फोटो : सांकेतिक