किशनी की नेवी इंजीनियर का शिप एक माह से बीच समुद्र में था रुका
संवाद न्यूज एजेंसी
किशनी। मर्चेंट नेवी में कार्यरत नगर की इंजीनियर ईरान युद्ध में फंस गई थी। शिप ओमान की खाड़ी में रुक जाने से वह वापस नहीं आ पा रही थी। रविवार रात शिप चलने से अंजली के परिजनों ने राहत की सांस ली है। मंगलवार रात शिप भारत के गुजरात पहुंच जाएगा।
नगर के सदर बाजार निवासी अवधेश कुमार प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक हैं। उनकी 21 वर्षीय पुत्री अंजली आर्य मर्चेंट नेवी में इंजीनियर हैं। अंजली ने इंडियन मेरीटाइम यूनिवर्सिटी कोलकाता से 2025 में इंजीनियरिंग की है और सिंगापुर की कंपनी में कार्यरत हैं। अंजली का शिप पांच मार्च को गुजरात से एलपीजी लेने ईरान गया था। उसी दौरान ईरान और इजरायल में युद्ध शुरू हो गया तो शिप ओमान की खाड़ी में रुक गया था।
अंजली के शिप पर फंस जाने पर परिजन चिंतित थे। अंजली के पिता अवधेश कुमार ने बताया कि उनकी अंजली से व्हाट्सएप पर बात होती है। तब उन्होंने बताया कि आपातकाल में शिप ओमान की खाड़ी में रुका हैं। अवधेश कुमार ने बताया कि बेटी से फोन पर संपर्क कम हो पाता है। इससे उसकी घर वापसी के लिए परिजन बहुत परेशान हैं। मंगलवार को अंजली के पिता अवधेश कुमार ने बताया कि रविवार रात बेटी अंजलि से उनकी वीडियो कॉल पर बात हो गई है। अब उनका शिप भारत के लिए चल दिया है। अंजलि ने बताया कि उनका शिप चल दिया है जो मंगलवार देर रात गुजरात पहुंच जाएगा। शिप भारत आने की खबर सुनकर परिजन में खुशी का माहौल है।