फोटो 2 जिला अस्पताल में सर्जन से उपचार लेते मरीज। संवाद
मैनपुरी। फास्टफूड, कोल्डड्रिंक और शराब की लत के कारण हर तीन युवाओं में से दो का फैटी लिवर मिल रहा है। इसके कारण सूजन के साथ ही घाव बन रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि लत नहीं सुधारने और लंबे समय तक ऐसी स्थिति से लिवर एप्सिस, सिरोसिस और कैंसर का तीन गुना खतरा है।
महाराजा तेज सिंह जिला अस्पताल के वरिष्ठ सर्जन डॉ.गौरव पारिक ने बताया कि उनके पास ओपीडी में प्रतिदिन औसतन 100 मरीज पहुंचते हैं। इनमें से 25 से 30 मरीज लिवर संबंधी समस्या लेकर पहुंचते हैं। इनमें कुछ मरीज ऐसे होते हैं जिन्हें शराब के कारण लिवर में दिक्कत हुई है। उन्होंने बताया कि चिंता की बात यह है कि उन लोगों में भी लिवर इंजरी की समस्या मिल रही है जिनका शराब सेवन का इतिहास नहीं है।
शारीरिक रूप से भी स्वस्थ नजर आते हैं। ऐसे लोगों की जांच में पाया जा रहा है कि खाद्य पूरक, डॉक्टर की सलाह के बिना ली जाने वाली दवाइयां लिवर को नुकसान पहुंचाने का प्रमुख कारण हैं। उनका कहना है कि पिछले कुछ सालों में दवा जनित लिवर इंजरी के मामले बढ़े हैं।