मैनपुरी। थाना औंछा क्षेत्र में छह साल पहले नाबालिग को अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म के दो आरोपियों पर शनिवार को दोषसिद्ध हो गया। स्पेशल जज पाॅक्सो एक्ट के न्यायाधीश 22 जून को दोषियों को सजा सुनाएंगे।
कस्बा औंछा क्षेत्र के एक गांव में 15 जनवरी 2021 को खेत पर गई एक किशोरी लापता हो गई थी। किशोरी को जनपद एटा के थाना अलीगंज क्षेत्र के गांव हरिसारी निवासी आकाश, गुड्डू और हरिओम निवासी कठेंगरा औंछा अगवा कर दिल्ली ले गए थे। दिल्ली में किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। किसी तरह मौका पाकर किशोरी युवकों के चंगुल से भाग निकली और परिजन को फोन कर जानकारी दी। 25 जनवरी को किशोरी दिल्ली के इंद्रापुरम चौकी क्षेत्र स्थित एक मकान में मिली थी। पीड़िता के पिता ने 28 जनवरी को तीनों युवकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
विवेचक ने जांच के दौरान सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता के न्यायालय में बयान दर्ज कराए। पीड़िता ने अपने बयान में आकाश और गुड्डू पर अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म करने का आरोप लगाया। पीड़िता का मेडिकल कराया गया। इसके बाद विवेचक ने चार्जशीट न्यायालय में पेश की थी। स्पेशल जज पाक्सो एक्ट के न्यायालय में मुकदमे की सुनवाई हुई। न्यायाधीश जहेंद्र पाल सिंह ने आकाश और गुड्डू को सामूहिक दुष्कर्म का दोषी पाया। दोनों को सजा सुनाए जाने के लिए 22 जून की तारीख दी गई है। दोषियों को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेजा गया है।