मैनपुरी। सुप्रीम कोर्ट ने सुरक्षित पैदल चलने को मौलिक अधिकार बताया है। हालांकि, शहर में फुटपाथों पर दुकानदारों का कब्जा है। इसके कारण शहरवासियों को सड़क पर चलने को मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे जाम और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है।
शहर में पूरब से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक कोई भी सड़क ऐसी नहीं है जहां फुटपाथ सुरक्षित हों। आगरा बाईपास सड़क पर सिरसागंज चौराहे के पास एक गिट्टी बालू एजेंसी ने फुटपाथ पर कब्जा कर रखा है। देवी बाईपास सड़क, राधारमण सड़क, कचहरी सड़क, आगरा सड़क और कुरावली सड़क का भी यही हाल है। कई स्थानों पर दुकानदारों ने फुटपाथों पर अपने प्रचार-प्रसार के लिए बोर्ड लगा रखे हैं। कुछ जगहों पर अन्य उपकरण रखकर भी फुटपाथों पर कब्जा किया गया है। शहर के अंदरूनी बाजारों में तो फुटपाथ नाम की कोई जगह बची ही नहीं है।
स्थान-लेनगंज
शहर के लेनगंज बाजार की स्थिति सबसे हैरान करने वाली है। यहां सिटी डाकघर से लेकर घंटाघर चौराहा तक फुटपाथ तो कहीं नजर ही नहीं आता है। फुटपाथ तो दूर दो से तीन फुट सड़क पर भी दुकानदार अतिक्रमण किए हुए हैं। इसका नतीजा यह है कि यहां सुबह से लेकर शाम तक जाम के हालात रहते हैं। इसके चलते स्कूल खुलने के समय सबसे अधिक परेशानी छात्राओं को उठानी पड़ती है। क्योंकि यहां पास में ही राजकीय बालिका इंटर कॉलेज और गंगा सहाय बालिका इंटर कॉलेज का संचालन हो रहा है।
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स्थान- कचहरी रोड
शहर के कचहरी सड़क की बात की जाए तो ईशन नदी तिराहे से लेकर और बड़े चौराहे तक कई जगह फुटपाथ पर दुकानदारों ने अवैध रूप से अतिक्रमण कर रखा है। इसके चलते आए दिन हादसे होते हैं। इस मार्ग पर रोडवेज बस स्टैंड भी है। इसके चलते सरकारी बसों का संचालन होता है। यहां पैदल चलने वालों के लिए फुटपाथ सुरक्षित नहीं है। इसके चलते बस को बचाने के प्रयास में बाइक सवार पैदल चलने वालों के साथ दुर्घटना कर देते हैं। कभी-कभी पैदल चलने वाले बस की चपेट में भी आ जाते हैं। दो साल पहले ईशन नदी पुल के पास एक महिला की मौत भी हो गई थी।
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स्थान- बजाजा बाजार
शहर के बजाजा बाजार की स्थिति बहुत ही चिंता जनक है। कुछ दुकानदार अपनी दुकान का कुछ हिस्सा अस्थाई रूप से हथठेलों वालों को बेच देते हैं। इससे वे फुटपाथ के साथ ही सड़क पर भी दुकान सजा लेते हैं। बजाजा बाजार की सड़क करीब 20 फुट चौड़ी है। लेकिन यहां लोगों के लिए मुश्किल से 10 फुट का ही रास्ता बचता है। इससे इस बाजार में हर समय जाम रहता है। कार तो दूर यहां बाइक सवार भी नहीं निकल सकता है।
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स्थान-करहल रोड
करहल रोड का हाल भी यही है। यहां कई स्थानों पर दुकानदारों और सब्जी लगाने वालों ने फुटपाथ पर कब्जा कर रखा है। इसके चलते पैदल चलने वाले लोगों को सड़क पर चलना पड़ता है। सबसे अधिक परेशानी छात्र-छात्राओं को होती है। स्कूल खुलने पर छात्र-छात्राओं को वाहनों के जाम में फंसना पड़ता है। कई बार वे हादसे का शिकार भी हो जाते हैं। इस मार्ग पर कुछ डॉक्टर भी है जिनके यहां पार्किंग की व्यवस्था नहीं है इससे यहां वाहन फुटपाथ और सड़क पर खड़े होते हैं। पैदल चलने वालों को मजबूरन सड़क पर चलना पड़ता है।
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ठेले और रेहड़ी वालों को नहीं मिल सका सुरक्षित स्थान
शहर में फुटपाथ पर हथठेल और रेहड़ी वाले भी अतिक्रमण किए हुए हैं। शहर के करहल सड़क पर हथठेला लगाए देवेंद्र का कहना था कि कई बार नगर पालिका प्रशासन से मांग की गई कि उन्हें शहर में कोई निश्चित स्थान दिया जाए। लेकिन नगर पालिका प्रशासन शहर में ठेले और रेहड़ी वालों के लिए कोई व्यवस्था नहीं कर सका।
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फुटपाथ सुरक्षित न होने से सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों को होती है। 60 साल के बाद आंखों की रोशनी कम हो जाती है। ऐसे में बाजार जाते समय सुरक्षित रास्ता तय करने के लिए फुटपाथ जरूरी है। लेकिन शहर के किसी भी सड़क पर फुटपाथ सुरक्षित नहीं है। इसके चलते शहर आने वाले बुजुर्गों को ही सबसे अधिक परेशानी होती है।
हरप्रसाद यादव, पूर्व प्रधानाचार्य
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फुटपाथ होने से पैदल चलने वाले लोगों को सुविधा मिलती है। दुर्घटनाएं भी रुकती हैं। इसलिए यातायात पुलिस फुटपाथ से अतिक्रमण हटाने के लिए लगातार अभियान चला रही है। जहां भी फुटपाथ पर अतिक्रमण किया जाएगा वहां हटवाया जाएगा।
सुनील कुमार, यातायात प्रभारी
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नगर पालिका प्रशासन ने नगर में फुटपाथ को खाली कराने की तैयारी कर ली है। शहर में दो स्थान चिन्हित किए जा रहे हैं। हथठेले और रेहड़ी वालों को इन सुरक्षित स्थानों पर स्थापित किया जाएगा। बुद्धिप्रकाश, ईओ नगर पालिका
फोटो 15 शहर के लेनगंज में फुटपाथ पर सजी दुकानें। संवाद
फोटो 15 शहर के लेनगंज में फुटपाथ पर सजी दुकानें। संवाद
फोटो 15 शहर के लेनगंज में फुटपाथ पर सजी दुकानें। संवाद