मैनपुरी। एक विद्युत उपभोक्ता द्वारा दायर की गई याचिका पर सुनवाई करने के बाद जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने अधिशासी अभियंता विद्युत पर 14 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माने की धनराशि याचिका दायर करने वाले को देने के लिए आयोग के खाते में 45 दिन में जमा करने के आदेश अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड प्रथम को दिए गए हैं।थाना कोतवाली के मोहल्ला अग्रवाल के रहने वाले कम्मोद प्रताप सिंह उर्फ कम्मोद सिंह ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में छह अगस्त 2024 को याचिका दायर की। बताया कि उनका घरेलू कनेक्शन है। उनकी मां चंद्रवती ने एक दुकान सलीम को किराए पर दी थी। दुकान के लिए कनेक्शन लेना और बिल जमा करना किराएदार की जिम्मेदारी होती है। विद्युत निगम ने 18 जून 2024 को उनको वाणिज्यिक कनेक्शन का नोटिस देकर 53196 रुपये का बिल भेज दिया। उसने शिकायत की लेकिन उनकी शिकायत पर कार्रवाई करना तो दूर, सुनवाई तक नहीं की गई।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष शशिभूषण पांडेय तथा नंदकुमार ने याचिका की सुनवाई की। याचिका दायर करने वाले द्वारा दिए गए तथ्यों तथा प्रमाणों के आधार पर विद्युत निगम द्वारा 18 जून 2024 को भेजा गया नोटिस निरस्त कर दिया है। पीड़ित को देने के लिए अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड प्रथम पर 14 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। इसमें छह हजार रुपये वाद व्यय तथा आठ हजार रुपये शारीरिक और मानसिक कष्ट के शामिल हैं। जुर्माने की धनराशि आयोग के खाते में 45 दिन में जमा करने के आदेश अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड प्रथम को दिए गए हैं।