करहल। तखरऊ नहर में बृहस्पतिवार शाम को पानी में कूदे युवक व उसे बचाने के लिए छलांग लगाने वाले मछुआरे की तलाश में एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस दिन और रात तलाश करती रही, मगर, शुक्रवार देर शाम तक कोई पता नहीं लग सका। इसके बाद परिजन का सब्र टूट गया। उन्होंने चेक पोस्ट पर अपना गुस्सा उतारकर तोड़फोड़ की और जाम भी लगा दिया। शुक्रवार को मौके पर मौजूद डीएम और एसपी ने उन्हें समझा कर शांत किया। वहीं, प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि नहर का पानी निकलवाया गया है, करीब ढाई फीट पानी में तलाश जारी है। मगर अभी तक लापता लोगों का पता नहीं लग रहा है।
थाना कुर्रा क्षेत्र में बृहस्पतिवार की शाम करीब साढ़े 6 बजे एक युवक नहर में कूद गया था, उसे बचाने के लिए पुलिस मौके पर आई और गांव सड़ निवासी मछुआरे राजू कश्यप को बुलाया, पुलिस के कहने पर उसने भी छलांग लगा दी थी। काफी देर तक दोनों में से कोई भी बाहर नहीं आया तो मछुआरे के परिजन परेशान हो गए। पुलिस पर मछुआरे के परिजन ने जबरदस्ती नहर में कुदाने का आरोप लगाते हुए जाम लगा दिया था, कुछ देर बाद एसडीआरएफ की टीम ने स्टीमर से तलाश शुरू की, रात भर तलाश की जाती रही, मगर नहर में कूदने वालों का पता नहीं लग सका।
शुक्रवार की सुबह भी तलाश जारी रही, जगह-जगह पुलिस ने जाल भी डलवाए, मगर दोनों का पता नहीं लग सका। 24 घंटे से अधिक का समय बीतने के बाद भी मछुआरे का पता न लगने के चलते परिजन आक्रोशित हो गए। इसके बाद उन्होंने पास में मौजूद तखरऊ चेक पोस्ट पर कुर्सी व अन्य सामान के साथ तोड़फोड़ कर दी। मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह और एसपी गणेश प्रसाद साहा ने परिजन को किसी तरह से शांत कराया।
उधर, पुलिस ने नहर के पानी को निकलवाया। करीब ढाई फीट पानी में तलाश जारी है। मगर, अभी तक तलाश किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। जिलाधिकारी ने बताया कि दोनों लोगों की तलाश के लिए एसडीआरएफ की टीम लगी हुई है। लगातार प्रयास जारी है। पूर्व एमएलसी अरविंद प्रताप यादव ने मछुआरे के परिजन से मुलाक़ात की और ढाढ़स बंधाया। उन्होंने सीओ और एसडीएम से बातचीत कर पीड़ितों को सहायता प्रदान करने की अपील की।
परिजन का रो-रोकर बुरा हाल
मछुआरे राजू के लापता हुए करीब 24 घंटे से ज्यादा का समय बीत चुका है। लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। ऐसे में परिजन परेशान हैं। चीख पुकार मची हुई है। मां और पत्नी का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा है। राजू का बेटा रोहित लगातार पुलिस पर आरोप लगा रहा हैं कि उनके पिता पुलिस की वजह से चले गए। पुलिस ने ही उनको यहां बुलाया था। और नहर में उतरने के लिए कहा था। उसके बाद से ही उनका कोई पता नहीं चला है। परिजन आक्रोशित हैं। रो-रोकर बस यही कह रहे हैं कि पुलिस ने राजू को लील लिया। इसके बाद उन्होंने जाम भी लगा दिया। हालांकि पुलिस ने इसे कुछ देर बाद खुलवा दिया।
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मगरमच्छ की सूचना पर पहुंची वाइल्ड लाइफ एसओएस की टीम
पुलिस ने नहर में डूबे हुए लोगों की तलाश के लिए काफी पानी कम करा दिया, पानी कम होने से लापता लोगों का पता तो नहीं चला, मगर, कई मगरमच्छ नजर आने लगे। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम और वाइल्ड लाइफ एसओएस की टीम मगरमच्छ को पकड़ने के लिए मौके पर पहुंची।
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सुभासपा के प्रदेश अध्यक्ष मौके पर पहुंचे
नहर में चल रही तलाश के दौरान सुभासपा के प्रदेश अध्यक्ष प्रेमचंद्र कश्यप ने भी मौके पर पहुंच कर राहत कार्य के संबंध में जानकारी ली। मछुआरे के परिजन से बात की और उन्हें ढांढस बधाया, इस बीच कुछ लोगों का यह भी कहना था कि राजू को किसी पुलिसकर्मी ने नहर में डूबे व्यक्ति को निकालने के लिए बुलाया था। जिसके बाद वह अपने कपड़े अंगूठी चेन आदि देकर नहर में कूद गया था।