मैनपुरी। थाना कुरावली क्षेत्र के गांव अलूपुरा में 14 साल पहले एक वृद्ध की गैर इरादतन हत्या करने वाले दो गांव के ही रहने वाले सगे भाइयों को अपर जिला जज प्रथम अच्छे लाल सरोज ने पांच-पांच साल की सजा सुनाई है। मुकदमे की सुनवाई करने के बाद उन पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
अलूपुरा के रहने वाले लालाराम 19 सितंबर 2011 की शाम पांच बजे गांव में एक तेरहवीं कार्यक्रम में शामिल होकर घर जा रहे थे। रास्ते में कुंवरपाल ने अपने मकान के सामने पुत्रों अरुण कुमार और अजय उर्फ शिल्पी के साथ घेर लिया। एक दिन पहले हुए विवाद के चलते गालियां देकर लाठियों से पीटा। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। लालाराम के पुत्र रमनलाल कश्यप ने कुंवरपाल, अरुण कुमार और अजय उर्फ शिल्पी के खिलाफ थाना कुरावली में रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच करके तीनों के खिलाफ चार्जशीट भेज दी।
मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज प्रथम अच्छे लाल सरोज के न्यायालय में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित सात गवाहों ने घटना के संबंध में गवाही दी। गवाही के आधार पर अरुण और अजय को लालाराम की गैर इरादतन हत्या करने का दोषी पाया गया। अपर जिला जज ने दोनों सगे भाइयों को पांच-पांच साल की सजा सुनाई है। उन पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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मुकदमे की सुनवाई के दौरान हुई मौत
पुलिस ने लालाराम की गैर इरादतन हत्या करने के आरोप में कुंवरपाल केे खिलाफ भी चार्जशीट भेजी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान कुंवरपाल की मौत हो गई। पुलिस द्वारा न्यायालय में भेजी गई सूचना के बाद कुंवरपाल के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई बंद कर दी गई। अपर जिला जज ने आदेश में लिखा है कि जुर्माने की धनराशि में से आधी धनराशि रिपोर्ट लिखाने वाले मृतक के पुत्र रमनलाल को दी जाएगी।