मैनपुरी। केंद्रीय बजट एक फरवरी को संसद में पेश होगा। लोगों ने बजट से काफी उम्मीदें लगा रखी हैं। लोगों का कहना है कि बजट में मध्यम वर्गीय परिवार को राहत देने के फैसले लिए जाएं। बजट से पहले टैक्स अधिवक्ताओं और कर सलाहकारों ने अपनी-अपनी बात रखते हुए बजट से उम्मीदें जताई हैं। ब्याज से 50 हजार रुपये की आय को कर मुक्त किया जाना चाहिए। इसके अलावा कर स्लैब बढ़ने से लोगों को राहत मिलेगी।
सोने-चांदी के आसमान छूते भाव के कारण लोगों के लिए आभूषण खरीदना मुश्किल हो गया है। ऐसे में आने वाले बजट में सोने-चांदी पर आयात शुक्ल यदि बढ़ाया जाता है तो अनावश्यक आयात पर नियंत्रण होगा और विदेशी मुद्रा की बचत होगी। स्थानीय लोगों की मांग है कि बजट में सरकारी स्कूलों, कॉलेजों, उच्च शिक्षा और कौशल विकास के लिए बजट बढ़ाने से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुलभ होगी।
देश में सोना और चांदी निवेश और परंपरा दोनों के लिए महत्वपूर्ण हैं। इनके दामों में अत्यधिक उतार-चढ़ाव आम जनता को प्रभावित करता है। आयात शुल्क बढ़ाने से अनावश्यक आयात पर नियंत्रण होगा, विदेशी मुद्रा की बचत होगी और घरेलू बाजार में कीमतें स्थिर रखने में मदद मिलेगी।
- अमित जौहरी, एडवोकेट
बैंक एफडी, बचत खाते और छोटी जमा योजनाओं पर मिलने वाला ब्याज मध्यम वर्ग और वरिष्ठ नागरिकों की आय का महत्वपूर्ण स्रोत है। यदि 50 हजार रुपये तक की ब्याज आय को कर-मुक्त किया जाए तो आम लोगों को राहत मिलेगी और बचत को बढ़ावा मिलेगा।
- रजत सक्सेना, कर सलाहकार
महंगाई के दौर में आयकर स्लैब की वर्तमान सीमाएं अपर्याप्त प्रतीत होती हैं। कर-स्लैब बढ़ाने से मध्यम वर्ग को सीधी राहत मिलेगी। क्रय-शक्ति बढ़ेगी और आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी।
- विकास कुलश्रेष्ठ, कर सलाहकार।
शिक्षा किसी भी देश के विकास की नींव होती है। सरकारी स्कूलों, कॉलेजों, उच्च शिक्षा और कौशल विकास के लिए बजट बढ़ाने से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुलभ होगी और युवाओं को बेहतर रोजगार के अवसर मिलेंगे।
- रिषभ दुबे, एडवोकेट।
फोटो 21 अमित जौहरी, अधिवक्ता
फोटो 21 अमित जौहरी, अधिवक्ता
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