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Mainpuri News: उत्तरी के बाद कुसमरा मंडल के 20 से ज्यादा पदाधिकारियों ने दिया इस्तीफा

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मैनपुरी। भारतीय जनता पार्टी की जिला कार्यकारिणी के गठन के बाद शुरू हुआ घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। उत्तर मंडल की कार्यकारिणी के इस्तीफे के बाद कुसमरा मंडल की कार्यकारिणी के करीब 20 से ज्यादा पदाधिकारियों ने भी मंगलवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यकारिणी में पुराने कार्यकर्ताओं को अनदेखा कर नए लोगों को जगह दी गई है।
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भारतीय जनता पार्टी की जिला कार्यकारिणी की घोषणा बृहस्पतिवार 2 अप्रैल की देर शाम को हुई। लिस्ट सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कार्यकारिणी का विरोध शुरू हो गया है। कार्यकारिणी में शामिल पदाधिकारियों के नाम को लेकर कई पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया दी, तो वहीं विगत रविवार को उत्तरी मंडल के मंडल अध्यक्ष दीपक चौहान के नेतृत्व में 50 से ज्यादा पदाधिकारियों ने बीजेपी के जिला मुख्यालय पर सामूहिक रूप से इस्तीफा सौंपा और कार्यकारिणी गठन के खिलाफ अपना विरोध जताया।

वहीं, मंगलवार शाम को कुसमरा मंडल की कार्यकारिणी की कुसमरा के सकरा में स्थित आरबीएस इंटर कॉलेज में बैठक हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि जिला कार्यकारिणी के गठन के विरोध में सभी पदाधिकारी सामूहिक इस्तीफा देंगे। मंडल उपाध्यक्ष सोनी चौहान के निर्देशन में हुई बैठक में करीब 20 से ज्यादा पदाधिकारियों ने अपने पद से सामूहिक इस्तीफा दिया। जिसमें 7 बूथ अध्यक्ष, 2 मंडल उपाध्यक्ष, 1 बीडीसी, 2 पूर्व प्रधान, 1 पूर्व बीडीसी और करीब 15 सक्रिय सदस्यों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा पूर्व प्रत्याशी और पूर्व ब्लॉक प्रमुख राहुल राठौर को सौंपा। इसके बाद जिला प्रभारी अनिल चौधरी को अपने इस्तीफे की जानकारी दी।
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वहीं मंडल उपाध्यक्ष सोनी चौहान ने आरोप लगाया कि कुसमरा मंडल की टीम में क्या पार्टी को कोई भी ऐसा पदाधिकारी या कार्यकर्ता नहीं मिला जिसे जिला कार्यकारिणी में शामिल किया जाना चाहिए। जबकि कुसमरा मंडल विधानसभा और लोकसभा चुनाव में हमेशा ही अच्छा प्रदर्शन करते हैं और अपने मंडल को अच्छे प्रतिशत से जीत दिलाते हैं।
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कार्यकारिणी गठन शुरू से रही विवादों में
कार्यकारिणी के गठन के लिए प्रदेश नेतृत्व की ओर से सत्यपाल सिंह सैनी, विधान परिषद सदस्य व पूर्व सांसद को पर्यवेक्षक तैनात किया गया था। वह मैनपुरी आए और कार्यकारिणी के गठन में शामिल सदस्यों के साथ बैठक की। इसके बाद जिलाध्यक्ष ममता राजपूत की ओर से जो नाम दिए गए, उन नामों पर उन्होंने विरोध जताया। जिसके बाद बात नहीं बनी और सर्किट हाउस में विवाद भी हुआ। इसके बाद सत्यपाल सिंह सैनी बैठक बीच में छोड़कर चले गए। प्रदेश संगठन की ओर से जिला प्रभारी अनिल चौधरी को पर्यवेक्षक बनाया गया। जिसके बाद वह जनपद आए और कार्यकारिणी की सूची को लेकर प्रदेश संगठन को सौंपा।
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जिला मंत्री ने दिया था सोशल मीडिया पर इस्तीफा
रविवार सुबह उत्तरी मंडल की टीम के इस्तीफे के बाद देर शाम को जिला कार्यकारिणी में मंत्री बनाए गए ध्यानेंद्र सिंह उर्फ धीरू राठौर ने सोशल मीडिया पर इस्तीफे की घोषणा की। उन्होंने पोस्ट कर कार्यकारिणी में अराजक तत्वों और बाहरी लोगों को शामिल करने का आरोप लगाया और अपने पद को उपकार के तौर पर मिलने का आरोप लगाते हुए इस्तीफा दे दिया।
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कुसमरा मंडल में इस्तीफा देने वाले पदाधिकारियों में ऋषि चौहान (बूथ अध्यक्ष) कौशल प्रताप सिंह (बूथ अध्यक्ष, नगला राठी) चंद्रकिशोर दुबे (रामनगर) अनिल वर्मा, राजन चौहान (मंडल उपाध्यक्ष), अजय चौहान (पूर्व प्रधान), अनीता (बीडीसी सदस्य) और इसके अलावा करीब 15 से ज्यादा सक्रिय सदस्य और कार्यकर्ता शामिल रहे।
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