जवान को राजकीय सम्मान के साथ दी अंतिम विदाई
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थाना क्षेत्र के गांव दादीपुर निवासी बीएसएफ जवान का शव का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। मृतक गुड़गांव के भौंची कैंप में तैनात था। शनिवार रात को उसकी संदिग्ध परिस्थिति में गोली लगने से मौत हो गई थी।
थाना क्षेत्र के गांव दादीपुर निवासी सुनील कुमार (38) बीएसएफ के भौंची कैंप में सुरक्षा में तैनात था। शनिवार की रात उसी संदिग्ध हालात में गोली लगने से मौत हो गई। सोमवार की सुबह करीब छह बजे बीएसएफ के एसआई अनूप दास सैनिकों के साथ शव लेकर गांव पहुंचे। शव गांव में आते ही घर में कोहराम मच गया। एसडीएम अवनीश चंद्र मौर्या, सीओ करहल आत्म प्रकाश यादव, विधायक ब्रजेश कठेरिया, ब्लाक प्रमुख मीरा देवी भी गांव दादीपुर पहुंच गए। बीएसएफ के जवानों और अधिकारियों ने राजकीय सम्मान के साथ गार्ड आफ आनर देकर शहीद को अंतिम विदाई दी। वहीं चिता को मुखाग्नि बडे़ भाई ब्रजेश कुमार ने दी। अंतिम संस्कार के बाद अधिकारियों ने मृतक परिवारीजनों को सांत्वना दी। वहीं बीएसएफ के एसआई अनूप दास ने बताया कि शनिवार की रात सुनील की रात 10 से एक बजे तक ड्यूटी थी। एक बजे संतरी ने जाकर देखा तो एकांत इलाके में सुनील की राइफल दूर पड़ी हुई थी। उसके शरीर से खून बह रहा था। मौत के कारण का पता लगाया जा रहा है।
पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल
मृतक बीएसएफ जवान सुनील की मौत के बाद पत्नी आरती का रो-रोकर बुरा हाल है। सुनील के 11 वर्ष के पुत्र अंकित 11और आठ वर्षीय पुत्री अनुष्का के भी आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे।
हंसमुख था सुनील
किशनी। गांव व परिवार वालों से लेकर कोई भी यह मानने को तैयार नही है। कि सुनील की गोली लगने से मौत हो गई है। परिवारीजनों व ग्रामीणों का कहना है कि सुनील जैसा हंसमुख व्यक्ति हमेशा दूसरों को खुश रखने के प्रयास करता था। न तो वह खुद परेशान होता था न दूसरों को परेशान देख सकता था।