जिले की किशनी तहसील बुधवार को आनलाइन हो गई। यह जिले की पहली और मंडल की दूसरी तहसील है जिसका भूलेख डाटा आनलाइन हो गया है। इसके बाद तहसील क्षेत्र के ग्रामीणों को खतौनी और नकल आदि के लिए तहसील तक नहीं जाना होगा। अब वे जनसुविधा केंद्र से ही निर्धारित शुल्क देकर आनलाइन नकल प्राप्त कर सकते हैं।
प्रदेश भर के सभी जिलों की तहसीलों को आनलाइन करने की प्रक्रिया पिछले काफी समय से चल रही है। इसी क्रम में जिले में किशनी तहसील को सबसे पहले भूलेख डाटा आनलाइन करने का गौरव मिला है। इस प्रकार किशनी तहसील आगरा मंडल की दूसरी तहसील हो गई है जो आनलाइन हो गई है। पहली तहसील होने का सम्मान आगरा की किरावली तहसील को मिला है। वह भी बुधवार को ही आनलाइन हुई है। इस प्रकार किशनी तहसील के सभी 128 राजस्व ग्राम और 129 खतौनी आनलाइन हो गए हैं। कुसमरा में टाउन और देहात की अलग-अलग खतौनी आनलाइन की गई हैं।
बुधवार को जिलाधिकारी प्रमोद चंद्र गुप्ता ने सूचना विज्ञान केंद्र में जिले की किशनी तहसील के भूलेख का डाटा आनलाइन करते हुए कहा कि अब यहां के लोगों को भूलेख संबंधी सभी अभिलेख आनलाइन उपलब्ध होंगे। अब कोई भी, सरकारी कर्मी जमीन के रिकार्ड में फेर बदल नहीं कर सकेगा। रिकार्ड आनलाइन होने से पारदर्शिता आएगी। जल्द ही जनपद की अन्य तहसीलों के भूमि के रिकार्ड को आनलाइन करा दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि भूलेख डेटा आनलाइन होने पर भूमि के क्रय-विक्रय करने पर क्रेता का मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड होगा और क्रेता के नंबर पर एसएमएस के माध्यम से जानकारी मिलेगी।
यही नहीं यदि खतौनी में कोई भी आदेश दर्ज होगा उसकी सूचना भी एसएमएस से मिलेगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी ने गलत आदेश दर्ज किया तो उसका संशोधन नहीं हो सकेगा। दूसरा आदेश ही आनलाइन करना होगा। उन्होंने कहा कि भूलेख
का रिकार्ड आनलाइन होने पर गांव के तालाब, चकरोड, सार्वजनिक भूमि, एक हेक्टेयर से कम भूमि के किसानों, एक से दो हेक्टेयर वाले किसानों के विवरण सहित सभी रिकार्ड दर्ज होंगे। इस मौके पर अपर जिलाधिकारी राकेश कुमार मालपाणी, उप जिलाधिकारी भोगांव विजय प्रताप सिंह, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी मयंक लाल शर्मा आदि उपस्थित रहे।