रविवार को बैठक में एसपी उदयशंकर जयसवाल ने कहा कि प्रत्येक थाने में एक-एक बाल कल्याण अधिकारी तैनात है। प्रत्येक थाने में एक-एक रजिस्टर बनाया जाए। गुमशुदा बच्चों की रिपोर्ट दर्ज कर लेने से ही जिम्मेदारी समाप्त नहीं हो जाती। इसकी समय-समय पर समीक्षा की जाए। बल कल्याण अधिकारी बच्चों के पास सिविल ड्रेस में जाएंगे। उनके क्षेत्र से कितने बच्चे गुम हुए, कितने बच्चे बरामद हुए। किस तरह से और क्यों गुम हुए इसकी पूरी जानकारी बाल कल्याण अधिकारियों के पास हो। बाल कल्याण समिति की बैठकें समय से न होने पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए प्रति माह बैठक के निर्देश दिए। बाल संरक्षण अधिकारी अलका मिश्रा ने कहा कि एक जुलाई से 31 जुलाई तक आपरेशन मुस्कान चलेगा। इसमें गुम हुए बच्चों को बरामद करना, उनका संरक्षण करना आदि शामिल हैं। बैठक में सभी बाल कल्याण अधिकारी शामिल थे।
जिले में आए दो डॉग, तीन हैंडलर भी आए,
जिले में होने वाले अपराधों के खुलासे में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ती है। अब जिले को दो स्नीफर डॉग मिले हैं। इनकी मदद से अपराध करने वालों तक पुलिस आसानी से पहुंच सकेगी। दोनों स्नीफर डॉग के साथ तीन हैंडलर भी हैं। एसपी ने रविवार को दोनों स्नीफर डॉग देखकर उन्हें बेहतर ढंग से रखने के निर्देश दिए।
कई बार अपराध करने के बाद अपराधी आसानी से बचकर निकल जाते हैं। पुलिस को ऐसे अपराधियों को पकड़ने के लिए परेशानी उठानी पड़ती है। इस परेशानी को कम करने के लिए रविवार को जिले में दो स्नीफर डॉग एक वर्ष के प्रशिक्षण के बाद पुलिस लाइन में पहुंचे। एक का नाम मोती तथा दूसरे का नाम जौनी है। स्नीफर डॉग के रखरखाव और घटना के खुलासे में मदद के लिए एक वर्ष का प्रशिक्षण प्राप्त कर तीन हैंडलर भी आए हैं।
रविवार को एसपी उदयशंकर जायसवाल ने पुलिस लाइन पहुंच कर जौनी और मोती को देखा। निर्देश दिए कि दोनों के रहने और खाने पीने की बेहतर व्यवस्था की जाए। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। प्रतिसार निरीक्षक चंद्रपाल शर्मा ने बताया कि दोनों के लिए कूलर आदि लगाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कोई घटना होने पर परिवारीजन और परिचित घटना स्थल पर न जाएं, पुलिस को सूचना दें। स्नीफर डॉग की मदद से आरोपी कम समय में आसानी से पकड़े जा सकेंगे।
अब प्रत्येक थाने में तैनात होगी महिला मुंशी
थानों में आने वाली पीड़ित महिलाएं अपनी बात कहने में परेशानी महसूस करती हैं। रिपोर्ट दर्ज कराने के दौरान पुरुष मुंशी होने के चलते वह उनके सामने सहजता बात नहीं रख पातीं। इसे देखते हुए शासन ने अब प्रत्येक थाने में महिला मुंशी तैनात किए जाने का निर्णय लिया है। जिले में निर्देशों के बाद कार्रवाई शुरू कर दी गई। महिला मुंशी की कमी को देखते हुए थोड़ी परेशानी हो रही है।
शासन से निर्देश मिले हैं कि प्रत्येक थाने में महिला मुंशी की तैनाती की जाए। इससे रिपोर्ट दर्ज कराने के दौरान महिलाओं को अपनी बात बताने में झिझक महसूस न हो। शासन के निर्देश पर रविवार को जिले में महिला मुंशी का रिकार्ड खंगाला गया। हालांकि विभाग में कम महिलाओं के होने के चलते नियुक्ति में थोड़ी परेशानी आ रही है।
एसपी उदयशंकर जायसवाल ने बताया कि निर्देशों के बाद तैयारी की जा रही है। महिला मुंशी कम होने के चलते थोड़ी परेशानी हो सकती है। निर्देशों के अनुपालन में सभी थानों में शीघ्र महिला मुंशी तैनात कर दी जाएंगी। यह बेहतर कदम है। इससे महिलाओं को अपनी शिकायत दर्ज कराने में कोई परेशानी नहीं होगी। उन्होंने सभी महिला पुलिस कर्मियों का रिकार्ड मांगा है।