फोटो 24 मृतक प्रतीक का फाइल फोटो। स्रोत परिजन
कुरावली। थाना क्षेत्र के ग्राम जखौआ निवासी हरगोविंद के सात वर्षीय पुत्र प्रतीक की झोलाछाप के उपचार के बाद मौत हो गई। प्रतीक ग्राम लखौरा स्थित साधु सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में कक्षा एक का छात्र था। मासूम की मौत के बाद परिजन ने झोलाछाप की दुकान पर हंगामा काटा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी झोलाछाप को हिरासत में ले लिया। वहीं प्रतीक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
बुधवार सुबह प्रतीक को बुखार आने पर उसके पिता हरगोविंद उसे लखौरा के बलरामपुर रोड पर स्थित झोलाछाप हरिराम की दुकान पर ले गए। परिजन का आरोप है कि झोलाछाप ने बालक को ड्रिप लगा दी। कुछ देर बाद प्रतीक की हालत बिगड़ने लगी तो हरिराम ने परिजन को बच्चे को बाहर ले जाने को कहा। परिजन प्रतीक को लेकर मैनपुरी जा रहे थे कि रास्ते में ही प्रतीक ने दम तोड़ दिया। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन ने झोलाछाप हरिराम की दुकान पर पहुंचकर जमकर हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी झोलाछाप को हिरासत में ले लिया। मृतक प्रतीक के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने मामले में आगे की जांच शुरू कर दी है। परिजन ने झोलाछाप पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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नोडल अधिकारी ने दुकान की सील
ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि झोलाछाप हरिराम नियमित रूप से शराब के नशे में रहकर मरीजों का इलाज करता था। पुलिस ने उसकी दुकान से शराब के दो क्वार्टर भी बरामद किए हैं। घटना की सूचना पर पहुंचे नोडल अधिकारी डॉ. आशुतोष कुमार ने तुरंत हरिराम की दुकान को सील कर दिया। यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बिना योग्यता के झोलाछापों द्वारा मरीजों की जान से खिलवाड़ करने की प्रवृत्ति को उजागर करती है। स्थानीय लोगों ने मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।
फोटो 24 मृतक प्रतीक का फाइल फोटो। स्रोत परिजन