फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बढ़ती जा रही लाइन, परेशानी भी

Mon, 05 Dec 2016 10:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
विज्ञापन
बढ़ती जा रही लाइन, परेशानी भी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
रविवार के अवकाश के बाद सोमवार को बैंक खुले तो ग्राहकों की भीड़ उमड़ पड़ी। खातों से रुपये निकालने तथा जमा करने के लिए लोग सुबह से ही बैंकों में पहुंच गए। वहीं एटीएम से रुपये निकालने के लिए लोगों की पूरे दिन लंबी-लंबी लाइनें लगी रहीं।
विज्ञापन

नोटबंदी का असर अभी भी जारी है। रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने के लिए लोग परेशानी का सामना कर रहे हैं। रविवार के अवकाश के बाद सोमवार को बैंकें खुलने से पहले ही लोग बैंकों के बाहर जमा हो गए। बैंकें खुलते ही लोगों के खातों से लेनदेन शुरू हुआ। कहीं कैश खत्म न हो जाए इसके चलते लोग लाइन से हटे नहीं। अपने नंबर का इंतजार करते रहे। बैंकों में लोगों की भीड़ शाम तक लगी रही। शाम तक लोगों को बैंकों से भुगतान किया जाता रहा। निकासी की सीमा होने के कारण लोगों को निर्धारित रुपये ही दिए गए। जबकि एटीएम पर कैश निकालने के लिए पूरे दिन लंबी-लंबी लाइनें लगी रहीं। घिरोर में भी बैंक के बाहर पूरे दिन लाइनें लगी रहीं। लोगों का आरोप है कि पुलिसकर्मी खुद बैंक में घुस गए और ग्राहकों को बाहर ही खड़ा रहने दिया।

रुपये नहीं मिलने पर किया प्रदर्शन
 ग्रामीण बैंक आफ आर्यावर्त शाखा करहल रोड पर सोमवार की दोपहर लगभग 12:30 बजे ग्राहकों ने प्रदर्शन किया। उनका आरोप था कि उनको बैंक से रुपया नहीं दिया जा रहा है। कर्मचारी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे रहे हैं। वहीं शाखा प्रबंधक आरके तिवारी का कहना है कि दोपहर 12 बजे तक बैंक से ग्राहकों को पेमेंट किया गया। कैश समाप्त होने के बाद कैश आने पर 1:30 बजे के बाद दोबारा पेमेंट शुरू कर दिया गया।
विज्ञापन


दिव्यांग से अभद्रता पर किया हंगामा
ग्रामीण बैंक आफ आर्यावर्त में सोमवार की शाम बैंक कर्मियों द्वारा दिव्यांग से अभद्रता करने पर ग्रामीणों ने हंगामा काटा। पुलिस ने बैंककर्मियों तथा ग्रामीणों को समझा बुझाकर शांत किया गया।
जीटीरोड स्थित बैंक में सुबह से किसानों की लाइन लग गई। बैंक कर्मियों द्वारा कैश न होने का बहाना करते हुए दिव्यांग जयवीर सिंह निवासी चंद्रपुरा को धक्का मारकर बैंक से बाहर निकाल दिया गया। लाइन में लगी महिला ध्रुवतारा की चूड़ी टूट गईं। ग्रामीणों ने हंगामा करते हुए पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने समझा बुझाकर शांत किया गया।
बैंक की लाइन में लगे ग्राहक शकुंतलादेवी, रचना देवी, ऊषादेवी, सुशीला देवी, आरती, सुमन का आरोप है कि वह एक सप्ताह से प्रतिदिन किराया खर्च करके रुपये निकालने आ रही हैं, लेकिन बैंक कर्मियों द्वारा एक हजार रुपये नहीं दिए जा रहे हैं। कैश खत्म होने की बात कहकर अभद्रता की जाती है। उर्मिला देवी निवासी चंद्रपुरा का कहना है कि उनकी पुत्री की सात दिसंबर को लगन जानी है। वह रुपये निकालने ग्रामीण बैंक पहुंचीं तो बैंककर्मियों द्वारा उनका विड्राल फार्म फाड़कर फेंक दिया गया।

रुपये निकालने को जूझते रहे लोग
सोमवार को बैंक खुलते ही ग्राहकों की भीड़ उमड़ पड़ी। एटीएम पर भी लंबी कतार शाम तक लगी रही। बैंकों में लोग रुपया निकालने के लिए दिन भर जूझते रहे।
बैंक ग्राहक भाकियू भानु गुट के प्रदेश संगठन मंत्री शिवनाथ सिंह चौहान का कहना था कि वह पिछले दस दिन से खाद व बीज के लिए पैसे निकालने आते हैं।  जब तक उनका नंबर आता है तब तक कैश खत्म हो जाता है। जब वो खुद इतने परेशान हैं तो और किसान कितने परेशान होंगे। एसबीआई मैनेजर प्रवीन कुमार का कहना है कि कैश ज्यादा नहीं होने के कारण हर व्यक्ति को सिर्फ पांच हजार रुपये ही दिए जा रहे हैं।

झूठी सूचना पर हुई कवायद
रामनगर निवासी वृद्ध की मौत का मामला पूरे दिन गर्माया रहा। सोमवार की सुबह सोशल मीडिया पर चले मेसेज के बाद डीएम चंद्रपाल सिंह ने एसडीएम किशनी से जांच कराई। जांच में परिवारीजनों ने बताया कि वृद्ध छविनाथ की रविवार की शाम छह बजे बीपी कम होने से मौत हुई थी। बैंक की लाइन में लगने से हुई मौत की बात गलत है। एसडीएम ने पूरी जानकारी डीएम को दे दी है।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें