आदर्श लोक शिक्षा प्रेरक वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से संबोधित ज्ञापन डीएम को दिया। इसमें कहा कि प्रेरकों का चयन योग्यता के आधार पर हुआ है। इसमें अधिकांश प्रेरक एमए, बीएड, पीएचडी के हैं। इसके बाद भी उन्हें कम मानदेय मिलता है। उनका मानदेय 15000 रुपये प्रतिमाह किया जाए।
प्रेरकाें ने ज्ञापन में कहा कि साक्षर भारत कार्यक्रम के तहत कार्यरत प्रेरकों को मानदेय के रूप में प्रति माह दो हजार मात्र दिया जाता है। यह प्रतिदिन के हिसाब से 66 रुपये है। किसी भी शिक्षित व्यक्ति को सरकारी कार्यक्रम में कार्यरत कर्मी के रूप में इतना कम मानदेय नहीं दिया जाता है। भारत मेें मजदूर को खुले बाजार में 300 रुपये प्रतिदिन मजदूरी के मिलते हैं। इतने कम मानदेय में वह अपने परिवार का भरण पोषण कैसे कर सकते हैं। सभी प्रेरकाें का मानदेय 2000 से बढ़ाकर 15000 रुपये किया जाए। साथ ही नवीनीकरण की प्रक्रिया से हटाकर सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए। ताकि प्रेरकों के साथ न्याय हो सके। ज्ञापन देने वालों में अखिलेश यादव, जयपाल सिंह, विजय सिंह राजपूत, बृजेश कुमार, सुरेश बाबू, जयप्रकाश, विमलेश कुमारी, शिवरत सिंह आदि मौजूद रहे।