गर्मी के बढ़ते ही पालिका क्षेत्र में पेयजल संकट बढ़ गया है। हालात यह हैं कि कई क्षेत्रों में पालिका की जलापूर्ति नहीं पहुंच रही है। इसके चलते ज्यादातर लोग हैडपंपों पर आश्रित हैं। शहर में कई हैंडपंप खराब हैं तो कई रीबोर के लिए हैं। 23 नलकूपों में से एक नलकूप खराब है। बिजली कटौती और कम वोल्टेज के चलते अधिकांश टंकियां भी नहीं भर पाती हैं।
पालिका की जलापूर्ति व्यवस्था आबादी के हिसाब से नाकाफी है। शहर में 11 सौ हैंडपंप लगे हैं। इनमें से 20 हैंडपंप रीबोर होने को और 11 से अधिक खराब पड़े हैं। शहर में प्रतिदिन 40 मिलियन लीटर पानी की आवश्यकता है। जबकि नगरपालिका के संसाधनों से लगभग 30 मिलियन लीटर जलापूर्ति ही की जा रही हैं। बाकी 10 मिलियन लीटर पानी की जरूरत हैंडपंप पूरा कर रहे हैं। मोहल्ला कटरा निवासी मसूद अली का कहना है कि आए दिन पालिका के नलों में पानी नहीं आता है। वहीं जब आता है तो ज्यादातर गंदा पानी आता है। इससे संक्रामक रोग फैलने का डर बना रहता है। बंशीगौरा निवासी गौरव कुमार का कहना है कि पालिका सुबह शाम तीन-तीन घंटे पानी देने का दावा करती है। जबकि बमुश्किल पूरे दिन में दो घंटे ही पानी मिलता है।
इन क्षेत्रों में है पानी का संकट
नगर के मोहल्ला करहल रोड, महमूदनगर, कटरा, राजीव गांधी नगर, अग्रवाल, सौतियाना, किला के पीछे, देवी रोड, गोलाबाजार, चौथियाना, भरतवाल में पानी का संकट है। इन मोहल्लों में पानी के संकट को देखते हुए पालिका ने जनरेटर की व्यवस्था कर रखी है। यदि बिजली नहीं होगी तो जनरेटर से पानी दिया जाएगा।
डिमांड पर पालिका भेजेगी पानी का टैंकर
जिन क्षेत्रों में पानी का संकट है वहां के लिए पालिका ने सात टैंकर पानी की व्यवस्था कर रखी है। जिन क्षेत्रों से पानी की डिमांड आएगी वहां तुरंत पानी का टैंकर भेज दिया जाएगा। ताकि गर्मी में लोगों को पानी की परेशानी न हो।
गर्मी में पानी की कमी न हो इसके लिए पालिका ने व्यवस्था कर रखी है। वहीं लॉ वोल्टेज के कारण जिन क्षेत्रों में पानी नहीं पहुंच रहा है। उन क्षेत्रों में जेनरेटर से नलकूप चलवाकर पानी उपलब्ध कराया जा रहा है।
- साधना गुप्ता, पालिकाध्यक्ष, मैनपुरी
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