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Mainpuri News: अवैध रूप से संचालित क्लीनिक पर स्वास्थ्य विभाग की टीम की छापेमारी, संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज

Sat, 27 May 2023 04:28 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी

सार

मैनपुरी में अवैध रूप से संचालित क्लीनिक के संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापेमारी के दौरान दस्तावेज मांगे थे लेकिन संचालक नहीं दिखा सका था। अब इसे सील किया गया है। 
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Mainpuri News: अवैध रूप से संचालित क्लीनिक पर स्वास्थ्य विभाग की टीम की छापेमारी, संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में अवैध रूप से संचालित हो रहे मेडिकल क्लीनिक के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की टीम अभियान चला रही है। स्वास्थ्य विभाग ने धीरे-धीरे ऐसे सभी क्लीनिकों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। एक महीने पहले की गई कार्रवाई में अभिलेख न दिखा पाने पर घिरोर स्थित शिवानी क्लीनिक के संचालक के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

छापेमारी के दौरान दस्तावेज दिखाने का दिया था समय 

नोडल अधिकारी नर्सिंग होम और झोलाछाप राकेश कुमार ने 26 अप्रैल 2023 को कस्बा घिरोर स्थित शिवानी क्लीनिक पर छापा मारा था। निरीक्षण के दौरान क्लीनिक संचालक डॉ. वीडी कश्यम क्लीनिक से संबंधित अभिलेख नहीं दिखा सके थे। नोडल अधिकारी ने उन्हें नोटिस जारी कर एक सप्ताह में अभिलेख सहित उपलब्ध होने के निर्देश दिए थे। 

न पेश हुए न अभिलेख प्रस्तुत किए

इसके बाद शिवानी क्लीनिक के संचालक डॉ. वीडी कश्यप न तो नोडल अधिकारी के समक्ष उपस्थित हुए और न ही उन्होंने क्लीनिक के पंजीकरण से संबंधित कोई अभिलेख दिखाए। नोटिस के एक महीने बाद भी जब क्लीनिक संचालक ने कोई जवाब नहीं दिया तो तो नोडल अधिकारी डॉ. राकेश कुमार ने घिरोर थाना पुलिस को शिवानी क्लीनिक गोल चक्र घिरोर के विरुद्ध तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर के अनुसार रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

तीन दिन बाद भी जवाब देने नहीं पहुंचा झोलाछाप

24 मई को शहर के ज्योंती रोड स्थित झोलाछाप रामनिवास की दुकान पर गडेरी निवासी एक महिला की मौत हो गई थी। जानकारी होने के बाद नोडल अधिकारी नर्सिंगहोम / झोलाछाप राकेश कुमार जांच करने पहुंचे थे तो झोलाछाप दुकान बंद करके भाग गया था। 

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नोडल अधिकारी ने उसकी दुकान पर 24 मई को ही नोटिस चस्पा कर 25 मई तक उपचार देने के अभिलेख आदि मांगे थे लेकिन तीन दिन बाद भी रामनिवासी सीएमओ कार्यालय पर अपने किसी प्रकार के पंजीकरण आदि के अभिलेख लेकर नहीं पहुंचा।

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