सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्वशांति महायज्ञ के सातवें दिन पार्श्वनाथ उपवन मंदिर करहल रोड में रविवार को अभिषेक, पूजन और शांतिधारा की गई। प्रतिष्ठाचार्य सनत कुमार और विनोद कुमार के निर्देशन में सभी इंद्रों ने भगवान पार्श्वनाथ एवं सिद्धमंत्र का अभिषेक और पूजन किया।
भगवान पार्श्वनाथ की शांतिधारा करने का सौभाग्य गौरव जैन को, सिद्धयंत्र की शांतिधारा करने का सौभाग्य रमेशचंद्र जैन, सम्यक जैन को मिला। सिद्धचक्र महामंडल विधान में 512 अर्घ्य चढ़ाए गए। इंद्र और इंद्राणी ने बारी-बारी से अर्घ्य चढ़ाया। महाआरती का सौभाग्य राहुल जैन, तरुण जैन को मिला। प्रतिष्ठाचार्य विनोद कुमार जैन ने कहा गुरु उपासना हर श्रावक का कर्तव्य है। गुरु उपासना में अपने गुरुओं को शास्त्र दान, आहार दान देना हर श्रावक के लिए जरूरी है। साधु तो सर्दी, गर्मी, बरसात में साधना में रत रहते हैं। वेदी, सिंहासन की सफाई करना भी देव पूजा है। हमें जीवन में कभी भी गुरुओं की निंदा नहीं करनी चाहिए। सांस्कृतिक कार्यक्रम में संतोष एंड पार्टी भरतपुर ने भजन संध्या की। बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इस मौके पर आदेश जैन, संजीव जैन, संजय लोहिया, अभिषेक जैन, विशाल जैन, गौरव जैन, सम्यक जैन, संभव जैन, अजय जैन, हेमंत जैन, सुशील जैन, हिमांशु जैन, ज्ञानेंद्र जैन, रमेश चंद्र जैन आदि मौजूद थे।