पब्लिक टाॅयलेट पर लगा पुलिस चाैकी का बाेर्ड
जिले के सभी बालिका विद्यालय एवं सह शिक्षा वाले स्कूलों में अब शौचालय अनिवार्यरूप से होंगे। हाईकोर्ट के आदेश के बाद पैरा लीगल वालेंटियर्स को जिले में शौचालय विहीन बालिका और सह शिक्षा विद्यालयों के सर्वे की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वालेंटियर्स अपनी सर्वे रिपोर्ट जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को सौंपेंगे। यह रिपोर्ट राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से हाईकोर्ट भेजी जाएगी।
हाईकोर्ट में दायर की गई एक जनहित याचिका पर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डीबी भोसले, जस्टिस यशवंत वर्मा की खंडपीठ ने बालिका विद्यालयों में शौचालय नहीं होने की समीक्षा कराने का निर्णय लिया है। उन्होंने प्रदेश भर के बालिका तथा सह शिक्षा वाले विद्यालयों में शौचालयों का भौतिक सत्यापन कराने को कहा है। विद्यालयों के शौचालय में हवा, पानी, सफाई और सुरक्षा की अनिवार्यता की गई है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से विद्यालयों का भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। जिले से यह रिपोर्ट राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजी जाएगी। राज्य प्राधिकरण सर्वे रिपोर्ट हाईकोर्ट भेजेगा। दिसंबर माह में याचिका पर अंतिम सुनवाई की जाएगी।
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देहात के कालेजों में नहीं हैं शौचालय
मैनपुरी। देहात के कई वित्त विहीन कालेजों में शौचालय नहीं हैं। जहां शौचालय बने भी हैं, वहां भी बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं। इस स्थिति में बालिकाओं को परेशानी होती है।
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मान्यता देते समय ही देखें शौचालय
मैनपुरी। पूर्व प्रधानाचार्य ऊषा टिंगल का कहना है कि बालिका और सह शिक्षा वाले विद्यालयों को मान्यता देते समय ही शौचालय की अनिवार्यता देखी जानी चाहिए। एक ओर सरकार शौचालय निर्माण पर जोर दे रही है दूसरी ओर देहात के कई कालेजों में शौचालय नहीं है। हाईकोर्ट के आदेश के बाद बालिकाओं को निश्चित रुप से लाभ होगा।