जैन नर्सिंग होम में अल्ट्रासाउंड मशीन सीज करते एसीएमओ डा.रामजी वर्मा।
प्रदेश सरकार ने सरकारी अस्पतालों में निशुल्क अल्ट्रासाउंड की घोषणा तो कर दी लेकिन जिले के मरीजों को तो जिला अस्पताल में पैसे देकर भी इस सुविधा का लाभ ही नहीं मिल रहा है। यहां चिकित्सक की तैनाती ही नहीं है जिससे सरकार के इस घोषणा का क्या फायदा? मरीज निजी सेंटर्स पर अल्ट्रासाउंड कराने को मजबूर हैं।
सरकारी अस्पतालों में सिर्फ सौ रुपये में अल्ट्रासाउंड होता है लेकिन जिला अस्पताल में चिकित्सक ही नहीं हैं। ऐसे में मरीजों को इस सुविधा का लाभ ही नहीं मिल पा रहा है। गुरुवार को अस्पताल पहुंचे मेवाराम क ा कहना था कि वह पेट दर्द के चलते पिछले एक सप्ताह से परेशान है। अस्पताल में चिकित्सकों ने दवा दी लेकिन कोई आराम नहीं हुआ। चिकित्सक ने अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी। अस्पताल में अल्ट्रासाउंड न होने से मजबूरन प्राइवेट में पांच सौ रुपये में अल्ट्रासाउंड कराना पड़ा। नगर निवासी राजकुमार का कहना था कि अस्पताल में निशुल्क अल्ट्रासाउंड होने हैं। वहां पहुंचने पर चिकित्सक के न होने की बात कही जाती है। आर्थिक स्थिति ठीक न होने के चलते वह अल्ट्रासाउंड नहीं करा पा रहे हैं।
अस्पताल में रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं है। इसके चलते रोगियों को परेशान होना पड़ रहा है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को कई बार लिखा गया है। फिर भी रेडियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं हो रही है।
- डाक्टर दुष्यंत त्यागी, सीएमएस