सोमवार को निरीक्षण पर निकले डीएम पीसी गुप्ता को अधिकांश आंगनबाड़ी केंद्र बंद मिले। किसी केंद्र पर गर्भवती महिलाओं के लिए खाना नहीं बना था। पोषक आहार योजना केवल कागजों तक ही सीमित मिली। प्राथमिक विद्यालय नगला नया के प्रधानाध्यापक का एक दिन का वेतन रोक दिया। डीएम के नाराजगी जताने पर कार्यक्रम अधिकारी लापरवाही पर पर्दा डालने में जुट गए।
सोमवार की सुबह नौ निरीक्षण पर निकले डीएम को नगला पाल आंगनबाड़ी केंद्र बंद मिला। ग्राम प्रधान ने बताया कि केंद्र 11 जुलाई से बंद है। ग्रामसभा में अन्य केंद्रों पर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां नहीं मिलीं। सहायिका मिली लेकिन पंजीकृत बच्चों के सापेक्ष उपस्थिति कम मिली। उप स्वास्थ्य केंद्र पर सुबह 10:15 बजे तक ताला बंद मिला। प्राथमिक विद्यालय नगला नया में शिक्षा की गुणवत्ता काफी खराब मिली। विद्यालय की कक्षा तीन की छात्रा सुशीला ‘कल‘ तक नहीं पढ़ सकी। डीएम ने प्रधानाध्यापक धर्मवीर सिंह का एक दिन का वेतन रोकने, केंद्र नगला पाल की कार्यकत्री शांती देवी, सहायिका ऊषा देवी, जमथरी की कार्यकत्री सुधा यादव का मानदेय तत्काल प्रभाव से रोके जाने, उप स्वास्थ्य केंद्र की एएनएम का स्पष्टीकरण मांगा है। किसी भी केंद्र पर न तो हौसला पोषण योजना का मीनू लिखा है और ना ही किसी भी केंद्र पर गर्भवती महिलाओं के लिये खाना बनाया जा रहा है। केंद्रों पर 50 पंजीकृत बच्चों के सापेक्ष पांच- छह बच्चे ही उपस्थित मिले। कार्यक्रम अधिकारी साहब यादव कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। हौसला पोषण योजना में आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं को प्रतिदिन पका-पकाया खाना एवं बच्चों को फल उपलब्ध कराये जाने हेै। डीएम को निरीक्षण में सभी विद्यालयों में बच्चों की उपस्थिति बहुत कम मिली।
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छात्र को नहीं अक्षर ज्ञान
डीएम के निरीक्षण में प्राथमिक स्कूल नगला पाल के कक्षा दो के छात्र सौरभ को अक्षर ज्ञान नही मिला। कक्षा चार की छात्रा संध्या, ममता 212 में से 109 नहीं घटा सकी। प्राथमिक शिक्षा की दुर्दशा पर नाराजगी जताते हुए समस्त स्टाफ को चेतावनी देते हुए गुणवत्ता सुधारने तथा बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश दिए। बीएसए को नियमित रूप से स्कूलों का निरीक्षण करने की हिदायत दी।