मैनपुरी। नगला कैथ निवासी मजदूर की करंट से मौत के बाद शुक्रवार सुबह औंछा बाईपास रोड पर शव रखकर जाम लगाने के मामले में 75 लोगों के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। चौकी इंचार्ज ने आरोप लगाया है कि असामाजिक तत्वों ने मृतक के परिजन को उकसाते हुए जाम लगाने की साजिश रची। जिस वजह से यातायात व्यवस्था बाधित हुआ और आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सदर कोतवाली में तैनात एसआई मनोज कुमार ने बताया कि नगला कैथ निवासी हरिशचंद्र के बेटे आशीष शाक्य की 10 सितंबर को करंट लगने से मौत हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने मकान मालिक अनुज दुबे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार सुबह परिजन शव को गांव ले गए थे। इस बीच गांव और आसपास के असामाजिक तत्वों ने मामले को तूल देने की नीयत से पीड़ित परिवार को भड़का दिया। मुनेंद्र, धीरज, राजपाल, अजीत, राजाराम, पंडा, मनोज, कुलदीप, विनय, सचिन, भूरे, सुभाष, नरेश, अवधेश उर्फ खलीफा, गोरेलाल, मलिखान, सीताराम, शिवम, अजय, अभयराम, सुनील कुशवाहा, सुघर सिंह, आशाराम, विमल व 50 अन्य उपद्रवियों ने देवी रोड बाईपास पर साजिश के तहत जाम लगवा दिया। सड़क के दोनों तरफ ट्रैक्टर-ट्रालियां तिरछी खड़ी कर अनुचित मांगों को लेकर रास्ता पूरी तरह से बंद कर दिया। जाम में कई एंबुलेंस, स्कूली बसें और कई निजी वाहन घंटों फंसे रहे। करीब ढाई घंटे बाद जाम खुल सका। सीओ सिटी अशोक कुमार सिंह ने बताया कि जाम लगाने के मामले में प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।