जिला अस्पताल के होम्योपैथी विभाग में तैनात महिला फार्मासिस्ट ठगों के जाल में फंस गई। दु:खों से मुक्ति दिलाने के नाम पर महिला के पर्स में रखी नकदी और पहने हुए जेवर लेकर ठग चंपत हो गए। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने काफी देर ठगों की तलाश की, लेकिन कोई भी हत्थे नहीं चढ़ सका।
कोतवाली क्षेत्र के दुबे कंपाउंड निवासी जेपी पांडेय जिला अस्पताल में फार्मासिस्ट के पद से रिटायर हो चुके हैं। पत्नी सुनीता होम्योपैथी विभाग में फार्मासिस्ट के पद पर तैनात हैं। गुरुवार दोपहर बेटे की तबियत खराब होने की जानकारी होने के बाद वह जिला अस्पताल के बाहर टेंपो का इंतजार कर रही थीं। तभी एक बाबा और उसका साथी उनसे कहीं का पता पूछने लगे। ढोंगी बाबा ने फार्मासिस्ट से कहा कि तुम्हारी परेशानी उसे पता है उसे दूर किया जा सकता है। उसने पास ही एक स्टूल पर महिला को बैठा लिया। पर्स को गोद में रखवाकर अंगूठी, मोबाइल और चेन पर्स में रखवा लिए इसके बाद मुट्ठी बंद करने और एक मिनट के लिए आंख बंद करने को कहा।
ठग के जाल में फंस चुकीं फार्मासिस्ट ने आंख बंद कर ली। कुछ देर बाद जब उन्होंने आंखें खोली तो ठग वहां से गायब हो गया था। ठगी की जानकारी होने के बाद उन्होंने कोतवाली पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे थानाध्यक्ष ने काफी देर तक उन्हें जीप में बैठाकर ठग की तलाश की लेकिन पता नहीं लग सका। हालांकि महिला ने देर शाम थाने में जो तहरीर दी है वह मोबाइल चोरी की है।