गांव चिटौआ निवासी राजबहादुर बृहस्पतिवार दोपहर करीब दो बजे अपनी पत्नी यमुनावती से झगड़ रहा था। पत्नी डरकर घर के बाहर आकर बैठ गई और कपड़े धोने लगी। राजबहादुर ने अंदर से गेट बंद कर लिया और छत पर चढ़ गया। वहां उसका छोटा बेटा ललित खेल रहा था। राजबहादुर ने उसे पकड़ लिया और छत से फेंकने की धमकी देने लगा। उसने छत पर रखा कीटनाशक बच्चे को पिला दिया और उसे छत से नीचे फेंक दिया। सीसी सड़क पर गिरते ही बच्चे की गर्दन टूट गई।
छत पर चाकू लेकर बैठ गया, 50 रुपये की तंबाकू मंगवाने पर उतरा
बच्चे की मौत के बाद राजबहादुर छत पर ही चाकू लेकर बैठा रहा और किसी को भी पास आने पर खुद को नुकसान पहुंचाने की धमकी देता रहा। ग्रामीणों ने उसे लालच देकर नीचे उतारने की कोशिश की। उन्होंने उसे 50 रुपये का तंबाकू मंगाकर खिलाने का वादा किया। उधर, पुलिस ने उसे गिरफ्तार न करने की बात कहते हुए वापस लौटने का नाटक किया। इस पर राजबहादुर गेट खोलकर नीचे आ गया। तभी ग्रामीणों की मदद से पुलिस ने उसे दबोच लिया।