चुनाव के दौरान गांव भगवंतपुर में वोट डालने से रोकने पर पुलिस पर हुए पथराव और उसके बाद दबिश के दौरान ग्रामीणों के घरों पर की गई तोड़फोड़ के मामले में एसडीएम घिरोर, एसओ घिरोर व औंछा, इनके हमराह सहित 25-30 अज्ञात पुलिस कर्मियों के खिलाफ डकैती, छेड़छाड़ व तोड़फोड़ करने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। एडीएम और एएसपी की संयुक्त जांच में दोषी पाए जाने पर यह मामला थाना औंछा पर दर्ज किया गया। पूर्व में गिरफ्तार किए गए लेखपाल को जांच में निर्दोष पाया गया और उसे रिहा कराने के लिए कोर्ट में रिपोर्ट भेज दी गई है।
रविवार को एसडीएम घिरोर मनोज कुमार का गैर जनपद में तबादला कर दिया गया है, साथ ही दोनों एसओ को निलंबित कर दिया गया। इस संबंध में अधिवक्ता जगपाल सिंह ने डीएम चंद्रपाल सिंह से एसडीएम और पुलिस की शिकायत की थी, जिसकी जांच एडीएम एके श्रीवास्तव और एएसपी शिष्यपाल सिंह से कराई गई। जांच में एसडीएम घिरोर मनोज कुमार सागर, थानाध्यक्ष घिरोर जितेंद्र सिंह, औंछा सुशील कुमार, कांस्टेबल तुलसीराम, एसडीएम, दोनों एसओ के हमराह सहित 25-30 अज्ञात पुलिस कर्मियों को डकैती, छेड़छाड़, तोड़फोड़ करने का दोषी पाया गया है। संयुक्त जांच रिपोर्ट मिलने के बाद डीएम के आदेश पर थाना औंछा में रविवार की देर रात सभी के खिलाफ डकैती, छेड़छाड़, तोड़फोड़ करने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
बता दें कि विधान सभा चुनाव के तीसरे चरण में मैनपुरी में हुए चुनाव के दौरान गांव भगवंतपुर में वोट नहीं डालने देने पर ग्रामीण भड़क गए थे और पुलिस पर पथराव कर दिया था। पुलिस ने इस मामले में गांव के लेखपाल उदयवीर, एक अधिवक्ता जगपाल सिंह सहित नौ लोगों को जेल भेजा था। अधिवक्ता जगपाल सिंह की कोर्ट से जमानत मंजूर हो गई थी। इस मामले को लेकर लेखपाल आंदोलन पर चले गए थे और अधिवक्ता की गिरफ्तारी के विरोध में बार भी लामबंद हो गई थी। पुलिस की ओर से ग्रामीणों के खिलाफ थाना औंछा पर दर्ज कराई गई रिपोर्ट की जांच कोतवाली पुलिस कर रही है। कोतवाली पुलिस ने सोमवार को जांच में निर्दोष मिले लेखपाल उदयवीर को रिहा कराने के लिए धारा 169 की रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल कर दी है।
लेखपालों का धरना सातवें दिन भी जारी
भागवंत प्रकरण को लेकर तहसील घिरोर में लेखपालों का धरना सातवें दिन भी जारी रहा। सोमवार को तहसील सदर और भोगांव के लेखपाल भी धरनास्थल पर पहुंचे। लेखपालों ने निर्णय लिया लेखपाल उदयवीर की जेल से रिहाई नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा। एक मार्च से मुख्यालय पर लेखपाल धरना देंगे। जिलाध्यक्ष महेशचंद्र यादव, मंत्री आदित्य दीक्षित, तहसील अध्यक्ष नरेशचंद्र यादव, मंत्री महेश सिंह तोमर, केपी सिंह चौहान, ब्रजेश राठौर, विनोद कुमार यादव, रामऔतार वर्मा, हरेंद्र सिंह, सतीशचंद्र, राजेश यादव, जेपी चौहान, रामगोपाल, रामवीर सिंह आदि मौजूद थे।
बार काउंसिल को भेजा प्रत्यावेदन
अधिवक्ता जगपाल सिंह के साथ हुई घटना के संबंध में जिला बार एसोसिएशन ने बार कौसिंल आफ उत्तर प्रदेश को भी एक प्रत्यावेदन भेजा है। इसमें कहा गया है कि पुलिस ने अकारण जगपाल सिंह की पिटाई की और उन्हें गिरफ्तार किया। उनके घर पर खड़े वाहनों में तोड़फोड़ कर दहशत का माहौल बनाने की कोशिश की गई। प्रत्यावेदन में प्रकरण पर संज्ञान लेते हुए बार काउंसिल से सहयोग की अपेक्षा की गई है।
नामजदों को पुलिस ने भेजे नोटिस
भगवंतपुर प्रकरण में नामजद वकील जगपाल, लेखपाल उदयवीर सहित 10 अन्य को पुलिस ने नोटिस भेजे हैं। नोटिस में सभी से घटनाक्रम के संबंध में अपना पक्ष रखने को कहा गया है। बता दें कि सात साल से कम सजा वाली धाराओं में पुलिस आरोपियों को नोटिस जारी करती है।
विवादों में रहे हैं एसडीएम मनोज
एसडीएम घिरोर मनोज कुमार सागर की कार्यशैली पहले से ही विवादित रही है। आचार संहिता के दौरान उड़नदस्ते ने एक वाहन से घड़ियां बरामद की थीं। घड़ियों के मालिक के कागजात दिखाने के बाद भी कई बार उन्हें बुलाया गया। डीएम से शिकायत करने के बाद ही घड़ियों को उनकी सुपुर्दगी में दिया गया था।