ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे पर हाोता काम
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ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे की जांच को लेकर जिला प्रशासन की सांसें उखड़ी हुई हैं। जिस प्रकार अन्य जिलों में गड़बड़ी निकल रही है उससे यहां भी अनियमितता से इंकार नहीं किया जा सकता है। वहीं शासन ने जिले में एक्सप्रेसवे के लिए मिट्टी का खनन करने वाली कंपनियों का रिकार्ड तलब किया है। इसके चलते अधिकारियों ने उक्त रिकार्ड एकत्रित करना शुरू कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि जिले में एक्सप्रेस वे की लंबाई 28 किमी है। इसमें अधिकांश क्षेत्र में मिट्टी सड़क की ऊंचाई बढ़ाई गई है। इसके लिए बड़े पैमाने पर जिले में मिट्टी का खनन हुआ है। इसके बाद भी एक्सप्रेस वे की प्रति किमी लागत सामान्य से तीन गुना होने के कारण उसकी जांच कराने के निर्देश भाजपा सरकार ने दिए हैं। इसी क्रम में शासन स्तर से जिले में मिट्टी के खनन के लिए अधिग्रहीत की गईं कंपनियों का रिकार्ड और उन्हें दिए गए ठेके व अनुमति पत्र आदि के बारे में शासन ने रिकार्ड मांगा है। इसमें निर्देश दिए गए हैं कि उक्त कंपनियों को कब अनुमति दी गई, किस दर से दी गई, कितना उक्त कंपनियों ने खनन किया और कितनी रायल्टी जमा कराई इसका विवरण एकत्रित कर भेजा जाए। शासन से निर्देश मिलने के बाद अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। उन्होंने अधीनस्थों को निर्देश दिए कि शासन से मांगे गए आंकड़े तत्काल एकत्रित करें। वहीं इस संबंध में डीएम सीपी सिंह का कहना है कि जो जानकारी शासन से मांगी जा रही है वह एकत्रित कर भेज दी जाएगी।