सरकारी आलू खरीद केंद्रों का बुरा हाल है। खरीद केंद्रों पर न तो वारदाना है और न ही कर्मचारी। ऐसी हालत में कैसे हो आलू की खरीद। प्रदेश सरकार ने सरकारी खरीद केंद्रों पर किसानों का आलू खरीदने का निर्णय लिया है।
मंडी समिति में खोले गए खरीद केंद्र का बुरा हाल है। खरीद केंद्र पर न तो वारदाना है और न ही कर्मचारी हैं। बुधवार को अमर उजाला टीम जब केंद्र पर पहुंची तो वहां कोई कर्मचारी नहीं मिला। गोदाम के कर्मचारियों ने बताया आलू खरीदने के लिए गोदाम के बाहर एक बैनर टंाग दिया गया है। एक इलैक्ट्रोनिक कांटा रखा गया है। वारदाने के नाम पर एक भी बोरा तक नहीं है। मंडी में आलू का भाव सरकारी भाव के बराबर होने से किसान सरकारी खरीद केंद्र पर आलू बेचने के लिए नहीं आ रहा है। खरीद केंद्र के कर्मचारी भी सुबह के समय केवल एक चक्कर लगाकर लौट जाते हैं। मंडी में आढ़त पर किसान आलू बेच रहे हैं।
प्रदेश सरकार ने किसानों का आलू सरकारी खरीद केंद्रों पर 487 रुपया प्रति क्विंटल की दर से करने का निर्णय लिया है। जिले में चार सरकारी खरीद केंद्र बनाए गए हैं। यूपी एग्रो ने मैनुपरी विकास खंड की मंडी समिति में एक गोदाम में तथा बेवर विकास खंड के हिमांयूपुर एट मुरादपुर नगरिया, उप्र उपभोक्ता सहकारी संघ लिमिटेड ने उप मंडी स्थल बेवर, कुरावली में खरीद केंद्र खोले हैं। सात मई तक इन खरीद केंद्रों पर आलू की खरीद की जानी है।
आढ़त पर ही किसान बेच रहे आलू
मैनपुरी। सरकारी खरीद केंद्र की तमाम औपचारिकताएं पूरी करने में हो रही परेशानी के चलते किसान मंडी में आढ़त पर ही आलू बेच रहे हैं। किसान अशोक कुमार निवासी मंछना का कहना है बुधवार को वह मंडी में सरकारी खरीद केंद्र पर आलू बेचने आए। वहां कोई कर्मचारी नहीं था। गोदाम कर्मचारियों ने बताया बड़ा और साफ सुथरा आलू ही खरीदने के निर्देश हैं। किसान रामपाल निवासी महटौली का कहना है सरकारी खरीद केंद्र का ही भाव मंडी में मिल रहा है।
सरकारी खरीद केंद्र पर 30-55 एमएम का आलू खरीदने के ही निर्देश हैं। किसान छटनी कर आलू नहीं बेचना चाहता है। मंडी में भी आलू के भाव में उछाल हुआ है। अच्छा आलू तो किसान पहले ही कोल्ड स्टोरेज में भंडारण कर चुका है। खेत में पड़ा आलू बेकार हो गया है। आटीजीएस से होने वाले भुगतान की बजह से भी किसान सरकारी केंद्र पर आलू नहीं बेच रहा है ताकि उसके लोन का रुपया बैंक नहीं काट ले।
- सुरेश कुमार, जिला उद्यान अधिकारी
मंडी समिति के यूपी एग्रो के खरीद केंद्र पर कर्मचारी और वारदाना के नहीं होने की जानकारी नहीं है। इसकी जांच कराई जाएगी। खरीद केंद्र से अनुपस्थित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- चंद्रपाल सिंह, जिलाधिकारी