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जिले में संक्रामक रोगों का प्रकोप, मरीजों की संख्या बढ़ी

Wed, 19 Apr 2017 11:28 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी।
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जिले में संक्रामक रोगों का प्रकोप, मरीजों की संख्या बढ़ी - फोटो : अमर उजाला
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 जिले में संक्रामक रोग और रोगियों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। संक्रामक रोगों पर नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य के इंतजामात भी ना काफी हैं। संक्रामक रोगों के प्रकोप का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले 19 दिनों में जिला अस्पताल में उल्टी और दस्त से पीड़ित गंभीर हालत में 136 रोगी भर्ती कराए गए हैं। इसमें ज्यादातर रोगी ग्रामीणों क्षेत्रों के हैं। इससे साफ जाहिर हो रहा है कि सीएचसी, पीएचसी पर रोगियों को उपचार नहीं दिया जा रहा है और न ही भर्ती किया जा रहा है।
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जिले में संक्रामक रोगों का प्रकोप बढ़ रहा है। उल्टी-दस्त और डायरिया के रोगियों की भीड़ जिला अस्पताल हो या झोलाछाप की दुकानें हर जगह दिख रही है। अधिकांश सीएचसी और पीएचसी पर समय से डाक्टर नहीं पहुंचते। इसके चलते रोगियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। अकेले जिला अस्पताल को ही देखें तो संक्रामक रोगों के प्रकोप का अंदाजा लगाया जा सकता है। जिला अस्पताल में 19 दिन में 136 रोगी उल्टी-दस्त से गंभीर हालत में भर्ती कराए गए हैं। इनमें से 11 रोगियों को परिवारीजन गंभीर हालत में बाहर ले गए। वहीं छह की डायरिया और बुखार से मौत हो गई।
जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सहारा, रामनगर, सठिगवां, चिलोंसा, चिरावर और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र किशनी, बेवर सहित कई अस्पतालों में समय से चिकित्सकों के न पहुंचने के चलते रोगियों को परेशानी उठानी पड़ रही है। अधिकांश अस्पतालों में दवाएं तो हैं लेकिन स्टाफ के न पहुंचने के चलते उनका लाभ रोगियों को नहीं मिल पा रहा। ऐसे में रोगी झोलाछाप, निजी चिकित्सकों के यहां या फिर जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं।
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यह फैले संक्रामक रोग
- उल्टी-दस्त
- डायरिया
- खूनी पेचिस
- पेचिस
- चिकनपॉक्स
- बुखार
- पेट दर्द आदि
                
सभी चिकित्सकों को समय से अस्पतालों में पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। संक्रामक रेागों के नियंत्रण के  लिए जिला मुख्यालय पर शीघ्र ही कंट्रोल रूम भी बनाया जाएगा। साथ ही वह निरीक्षण कर रहे हैं। जहां चिकित्सक या कर्मचारी नहीं मिलते हैं तो उनका वेतन काट दिया जाता है।
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                       डा. रामकिशन, सीएमओ मैनपुरी
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