उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के तत्वावधान में बीएसए कार्यालय के सामने शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचे बीएसए कार्यालय के आश्वासन के बाद धरना समाप्त हो गया। इसके बाद शिक्षकों ने स्थानीय समस्याओं से संबंधित ज्ञापन बीएसए को दिया।
जिलाध्यक्ष राजीव यादव ने कहा कि सरकार ने मृतक शिक्षकों के आश्रितों को सीधे शिक्षक के पद पर तैनाती दी जाए, परिषदीय शिक्षकों के लिए पुरानी पेंशन की बहाली सहित कई मांगों पर सरकार ने पहले हामी भरी थी। अभी तक इस संबंध में कोई शासनादेश जारी नहीं किया गया है। इससे शिक्षकों में रोष व्याप्त है। जिलामंत्री महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि जनपद स्तर पर भी कई महत्वपूर्ण मांगे अभी तक लंबित हैं। इसमें मिड डे मील की कंवर्जन कास्ट, रसोइया मानदेय का भुगतान, फल वितरण हेतु अतिरिक्त कंवर्जन कास्ट का भुगतान, जूनियर विद्यालयों में प्रधानाध्यापक पद पर पदोन्नति, नव नियुक्त शिक्षकों के वेतन व एरियर भुगतान तथा बकाया एरियर का संज्ञान लेकर उनके निस्तारण की प्रक्रिया प्रारंभ करें। जिला संरक्षक सत्यवीर सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष डा. कमलेश यादव ने भी विचार व्यक्त किए। इस मौके पर सतीश समर्थ, प्रमोद यादव, हरिमोहन, महेश आर्य, अवलेंद्र यादव, सुरेंद्र पाल सिंह, योगेश, किरन शाक्य आदि मौजूद रहे।
सीएम को संबोधित ज्ञापन दिया
धरना प्रदर्शन के बाद शिक्षक कलेक्ट्रेट स्थित एसडीएम कार्यालय पहुंचे। यहां आठ सूत्रीय ज्ञापन एसडीएम सदर राजेश कुमार को दिया। इसमें 2005 के बाद नियुक्त शिक्षकों को पुरानी पेंशन देने, मृतक शिक्षकों के आश्रितों को विभाग द्वारा बीटीसी कराकर शिक्षक के पद नियुक्ति देने सहित आठ मांगे शामिल हैं।
समस्याओं के लिए समाधान की मांग
वहीं शिक्षकों ने धरना स्थल पर बीएसए रामकरन यादव को बुलाकर स्थानीय मांगों से संबंधित 11 सूत्रीय ज्ञापन दिया। इसमें 17140 के अवशेष एरियर का सामूहिक रूप से विकास खंड वार बिल प्रस्तुत कर भुगतान कराने, बकाया एरियर के चेक को पीपीएफ खातों में शीघ्र जमा कराने जैसी मांगें शामिल हैं।
स्कूलों में पढ़ाई रही बाधित
वहीं धरना प्रदर्शन होने से परिषदीय स्कूलों की पढ़ाई बुधवार को रामभरोसे रही। कहीं स्कूल बंद रहे तो कहीं अनुदेशकों और शिक्षा मित्रों के सहारे स्कूल खुले रहे। पढ़ाई बाधित होने पर बीएसए रामकरन यादव ने अफसोस जताया है।