उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले में किशोरी से दुष्कर्म करने के दोषी को कोर्ट ने 20 साल की सजा सुनाई है। वारदात के बाद पीड़िता व उसकी मां ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी। अब मामले में फैसला आने के बाद दोषी को जेल भेज दिया गया है।
मैनपुरी में सात साल पहले किशोरी को घर से ले जाकर दुष्कर्म करने वाले दोषी को स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट पूनम त्यागी ने 20 साल की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। सजा सुनाने के बाद उसको हिरासत में लेकर जेल भेज दिया गया।
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कुर्रा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी किशोरी को 21 मई 2015 को आबिद निवासी मोहल्ला सईद सदनपुरी, कोतवाली उरई, जिला जालौन अपने साथ ले गया। तलाश के बाद पता नहीं चलने पर किशोरी के पिता ने आबिद के खिलाफ रिपोर्ट लिखा दी। पुलिस ने किशोरी को बरामद करने के बाद चार्जशीट कोर्ट में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट पूनम त्यागी की कोर्ट में हुई।
अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक, सहित गवाहों ने कोर्ट में गवाही दी। गवाही के आधार पर आबिद को दुष्कर्म करने का दोषी पाया गया। विशेष लोक अभियोजन शैलेंद्री राजपूत की दलीलों पर स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट पूनम ने आबिद को 20 साल की सजा सुनाई है। उस पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
सहयोग करने पर तीन साल की सजा
आबिद किशोरी को अपने साथ सईद सदनपुरी थाना कोतवाली उरई जिला जालौन ले गया। उसने अपने साथी अब्दुल के घर पर किशोरी को रखा। आबिद का सहयोग करने वाले अब्दुल को दोषी पाकर स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट पूनम ने अब्दुल को तीन साल की सजा सुनाई है। उस पर चार हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। उसको भी अदालत से हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
जहर खाने से मां-बेटी की हो चुकी मौत
किशोरी से दुष्कर्म करने की बात सामने आने के बाद किशोरी और उसकी मां ने मई 2015 में ही एक साथ जहर खा लिया। जहर खाने से मां की जिला अस्पताल में मौत हो गई। बेटी की उपचार के दौरान सैफई में मौत हुई। विशेष लोक अभियोजन शैलेंद्री राजपूत ने बताया कि बेटी ने मरने से पूर्व सैफई में मजिस्ट्रेट को दिए बयान में आबिद और अब्दुल नाजिर पर आरोप लगाया था।