मैनपुरी। मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत लखनऊ में विधानसभा के घेराव के लिए रवाना होने से पहले कोतवाली पुलिस ने कांग्रेस जिलाध्यक्ष गोपाल कुलश्रेष्ठ सहित पदाधिकारियों को घर पर ही नजरबंद कर लिया। इस दौरान कांग्रेसियों और पुलिस के बीच तीखी बहस भी हुई। जिलाध्यक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार विपक्ष की आवाज को दबाना चाहती है।
कांग्रेस कमेटी की ओर से मनरेगा बचाओ संग्राम चलाया जा रहा है। दूसरे चरण में कमेटी की ओर से 17 फरवरी को लखनऊ में विधानसभा घेराव का कार्यक्रम प्रस्तावित है। सोमवार को लखनऊ रवाना होने से पहले ही कोतवाली पुलिस ने जिलाध्यक्ष गोपाल कुलश्रेष्ठ को उनके मोहल्ला छपट्टी स्थित आवास पर नजरबंद कर लिया। उसके साथ पीसीसी सदस्य अनुपम शाक्य और कोषाध्यक्ष नवीन शर्मा को भी नजरबंद किया गया है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस सरकार की ओर से शुरू की गई योजना ने गांव के मजूदरों को रोजगार उपलब्ध कराया। कोरोना जैसी महामारी के बाद भी लोगों को गांव में ही रोजगार मिला लेकिन भाजपा सरकार गरीब मजदूरों से मजदूरी का हक छीनना चाहती है। पुलिस के बल पर विपक्ष की आवाज को दबाना चाहती है।