कांग्रेस धर्म की राजनीति करती है, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के लिए राजनीति करते हैं। वह सभी समाज और देश को साथ लेकर चलते हैं। प्रदेश में भी जाति और धर्म की राजनीति हो रही है। यह सही नहीं है यह समाज में विभाजन को बढ़ावा देता है। यह कहना है भाजपा नेता और संत सतपाल महाराज का। वे शहर में दो दिवसीय सद्भावना सम्मेलन में भाग लेने आए हैं।
सतपाल महाराज ने कहा कि वर्षों तक मैंने कांग्रेस में राजनीति की। राज्यमंत्री तक रहा। इसके अलावा डिफेंस की स्टैंडिंग कमेटी में भी चेयरमैन रहा। इसके बाद भी जब उत्तराखंड व देश में प्रोजेक्ट करने की बात सोनिया जी से कही तो उनका जवाब मिला की आप हिंदू चेहरा हैं। इसके चलते यह संभव नहीं है। इसके बाद पता चला कि पार्टी तो धर्म की राजनीति करती है।
उन्होंने कहा कि यह संभव नहीं था कि धर्म परिवर्तन कर लूं। यही कारण है कि वर्षों कांग्रेस में रहने के बाद भाजपा का दामन थाम लिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जाति धर्म से ऊपर उठकर देश के लिए राजनीति करते हैं। यही कारण है कि उनके लिए देश सर्वोपरि है। महाराज ने कहा कि मोदी ने ही 21 जून को योग दिवस पूरे विश्व में घोषित कराया। जबकि पहले ऐसा कभी नहीं हुआ।
सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांगने और खून की दलाली वाले बयानों पर उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक और मानसिक अपरिपक्वता की निशानी है। कभी भी सेना की कार्रवाई को सार्वजनिक नहीं किया जाता है। इससे नुकसान होने की संभावना रहती है।
समान नागरिक संहिता पर उन्होंने कहा कि जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं वह गलत हैं। हमेशा बदलाव को अपनाना चाहिए। जरूरी नहीं है कि जो पहले हो रहा था वह अब भी हो।