गेहूं खरीद की तैयारी, बारदाने की जानकारी नहीं
साधन सहकारी समिति समान की सचिव व गेहूं खरीद केंद्र की प्रभारी विमलेश कुमारी पर गेहूं की खरीद में 6.63 लाख रुपये का गबन करने का आरोप लग रहा है। वह पिछले करीब 15 दिनों से लापता है और उसका मोबाइल भी स्विच आफ आ रहा है। पीसीएफ के जिला प्रबंधक ने इस संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दे दी है, साथ ही सहकारिता विभाग से उसके खिलाफ कार्रवाई करने और गबन की धनराशि पीसीएफ के खाते में जमा कराने को कहा है।
किशनी तहसील में समान साधन सहकारी समिति पर पीसीएफ (प्रादेशिक कोआपरेटिव फेडरेशन) का गेहूं खरीद केंद्र खोला गया था। इसकी प्रभारी समिति की कार्यवाहक सचिव विमलेश कुमारी को बनाया गया था। केंद्र को 2394 क्विंटल गेहूं की खरीद का लक्ष्य दिया था। केंद्र प्रभारी ने किसानों को भुगतान करने के लिए पीसीएफ से 36.50 लाख रुपये की मांग की थी, जिसे केंद्र के खाते में जमा करा दिया गया था। गत 14 मई तक केंद्र प्रभारी ने 2251.75 क्विंटल गेहूं की खरीद होने की रिपोर्ट भेजी, जबकि पीसीएफ के गोदाम में मात्र 1959 क्विंटल गेहूं ही पहुंचा। खरीद के मुकाबले 291.75 क्विंटल कम गेहूं गोदाम में भेजा गया। अधिकारियों ने इसके बारे में पूछा तो विमलेश कुमारी 15 दिन पूर्व बिना किसी को सूचना दिए लापता हो गई। उनकी कोई जानकारी नहीं मिली तो अधिकारियों को शक हुआ। उन्होंने नौ जून को केंद्र का खाता चेक किया तो पता चला कि खाते से 1.97 लाख रुपये भी निकाल लिए गए थे। खाते में मात्र 19809 रुपये ही बचे थे। 291.75 क्विंटल गेहूं की कीमत समर्थन मूल्य से करीब 443775 रुपये होती है। इसके अलावा अन्य खर्चों में भी अनियमितता की। कुल 6.63 लाख रुपये की धनराशि के गबन का आरोप विमलेश कुमारी पर लग रहा है।
विमलेश कुमारी सहकारिता विभाग की कर्मचारी थी। वो लाखों रुपये का गबन कर लापता हैं। संबंधित विभाग को जानकारी दी गई है साथ ही उनसे गबन का पैसा भी खाते में जमा कराने के लिए कहा गया है। अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी अवगत करा दिया गया है।
- पीके माहेश्वरी, जिला प्रबंधक पीसीएफ