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UP News: घर के बाहर झूला झूल रहे बालक के गले में फंदा कसने से मौत, मची चीख पुकार

Mon, 21 Aug 2023 09:06 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी

सार

मैनपुरी में घर के बाहर झूला झूल रहे बालक के गले में फंदा कसने से उसकी मौत हो गई। घरवालों को जानकारी हुई तो चीख पुकार मच गई। दो बहनों के बाद इकलौटा बेटा था। 
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Mainpuri News: हर्ष का फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में सोमवार की शाम घर के बाहर झूला झूल रहे एक बालक के गले में रस्सी कस गई। बालक निढाल होकर जमीन पर गिर गया। कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। हादसे के बाद घर में कोहराम मच गया। खबर सुनकर ग्रामीणों की भीड़ लग गई। ग्रामीण परेशान परिजन को ढांढस बंधाते रहे। 
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घटना घिरोर थाना क्षेत्र के चापरी गांव की है। गांव निवासी सतेंद्र यादव प्राइवेट नौकरी करते हैं। उनका आठ वर्षीय पुत्र हर्ष यादव सोमवार की शाम घर के बाहर नीम के पेड़ पर पड़े झूले पर झूल रहा था। आसपास कोई नहीं था। इस बीच अचानक झूला एक ओर झुक गया और हर्ष के गले में रस्सी का फंदा कसता चला गया। 

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कुछ ही देर में उसका शरीर निढाल होकर नीचे आ गिरा। जैसे ही परिजन को जानकारी हुई तो चीख पुकार मच गई। आनन फानन परिजन बच्चे को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज सैफई ले गए। वहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। बच्चे की मौत की खबर सुनते ही माता पिता के होश उड़ गए। हादसे में बालक की मौत के बाद घर में कोहराम मचा हुआ है।

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करीब आधा घंटा बाद हो सकी जानकारी

गांव चापरी निवासी हर्ष यादव के घर के बाहर सावन में झूला पड़ा था। वह रोजाना उस झूले पर झूलता था। बच्चे के घर के पास होने के चलते परिजन भी बेफिक्र रहते थे। लेकिन सोमवार को हर्ष के साथ जो घटना हुई। उसने सभी के होश उड़ा दिए। हर्ष घर के बाहर झूलते समय हादसे का शिकार हो गया। गले में कसा फंदा निकलने के बाद वह काफी देर तक नीचे जमीन पर पड़ा रहा। करीब आधा घंटा बाद परिजन को इसकी जानकारी हो सकी। शायद तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

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ममता का रो-रोकर बुरा हाल

ग्रामीणों ने बताया कि हर्ष बेहद हंसमुख और मां ममता का लाडला था। बच्चे का स्वभाव ऐसा था कि आसपास के लोग भी उसे पसंद करते थे। दो बड़ी बहनों के बाद वह माता-पिता का इकलौता पुत्र था। ममता तो उस पर जान छिड़कती थी। सोमवार को हादसे ने ममता से हर्ष को हमेशा के लिए छीन लिए। बेटे के इस तरह चले जाने से मां का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार बार बेटे का नाम पुकार रही है। आंखो से आंसू थमने का नहीं ले रहे हैं।
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