मैनपुरी। बिजली चोरी में विद्युत विभाग द्वारा जब्त की गई केबल न्यायालय में पेश नहीं किए जाने से लंबित चल रहे मुकदमे का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। थाने द्वारा बरती जा रही लापरवाही के संबंध में स्पेशल जज ईसी एक्ट राकेश पटेल ने एसपी को पत्र लिखा है। मुकदमे की सुनवाई के लिए 14 जनवरी की तारीख तय कर दी गई है।
बिजली विभाग की टीम ने वर्ष 2007 में चेकिंग के दौरान ज्ञान प्रकाश निवासी आगरा बाईपास रोड के यहां विद्युत चोरी पाई थी। टीम ने उनके आवास से 59 हाथ काली केबल बरामद की थी। जेई मुलायम सिंह यादव ने उनके खिलाफ थाना कोतवाली में विद्युत चोरी की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। मुकदमे की सुनवाई स्पेशल जज ईसी एक्ट के न्यायालय में चल रही है। पुराना मुकदमा होने के कारण उच्च न्यायालय के निर्देश पर इसको एक्शन प्लान में शामिल किया गया है।
मामले में प्राथमिकी लिखाने वाले जेई की गवाही 4 जनवरी 2022 को हुई। इस दौरान पुलिस ने जब्त की गई केबल कोर्ट में पेश नहीं की। केबल के थाने में जमा करने की बात पुलिस की जनरल डायरी ( जीडी ) में भी दर्ज है। स्पेशल जज राकेश पटेल ने पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर जब्त केबल को काेर्ट पेश कराने को कहा है।
बीमा कंपनी के शाखा प्रबंधक पर 15 हजार का जुर्माना
मैनपुरी। चोरी गई बाइक की बीमा की धनराशि नहीं देने पर यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस बीमा कंपनी शाखा स्टेशन रोड के प्रबंधक पर 15 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने यह फैसला सुनाया है। जुर्माने की पूरी धनराशि आयोग के खाते में संचालक को 45 दिन के अंदर जमा करनी होगी।
थाना बिछवां के गांव अंजनी के रहने वाले अनिल कुमार ने बाइक का बीमा यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस बीमा कंपनी शाखा स्टेशन रोड से बीमा कराया। 18 फरवरी 2022 को अनिल की बाइक चोरी हो गई। इसके बाद बीमा की धनराशि मांगी तो बीमा कंपनी ने धनराशि देने से मना कर दिया। उसने नोटिस दिया तो बीमा कंपनी ने जवाब भी नहीं दिया।
पीड़ित ने छह मार्च 2024 को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग में याचिका दायर की। याचिका की सुनवाई करने के बाद जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के अध्यक्ष शशिभूषण पांडेय, सदस्य नीतिका दास, नंदकुमार ने आदेश में कहा है कि यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस बीमा कंपनी शाखा स्टेशन रोड के प्रबंधक बाइक मालिक अनिल कुमार को 15 हजार रुपये जुर्माने के रूप में अदा करेगा। इस धनराशि में 10000 रुपये मानसिक कष्ट तथा 5000 रुपये शामिल हैं।
मूल धनराशि पर छह प्रतिशत देना होगा ब्याज
आयोग से सुनाए गए आदेश में कहा गया है कि पीड़ित ने बाइक का बीमा 25000 रुपये की धनराशि पर कराया था। बीमा की कीमत के 25000 रुपये शाखा प्रबंधक को देने होंगे। इस धनराशि पर छह मार्च 2024 से छह प्रतिशत ब्याज भी बाइक मालिक को देना होगा।