रविवार को एक बार फिर सुबह से ही आसमान से आग बरसने लगी। इसके चलते दिनभर लोग परेशान रहे। वहीं, दोपहर में गर्म हवाओं के चलते सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। दोपहर बाद सूरज ढलने पर लोगों ने कुछ राहत की सांस ली। अभी आगे और तापमान बढ़ने की संभावना है। वहीं चिकित्सकों ने सावधानी बरतने की सलाह दी है। तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। रविवार को सुबह से ही तेज धूप रही। इसके चलते लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं गर्म हवा के चलते पंखों ने भी राहत प्रदान नहीं की। सुबह लोग निकले तो कुछ ही देर में शरीर पसीने से तरबतर हो गया। सुबह 11 बजे तक तापमान 32 डिग्री सेंटीग्रेट हो गया। इसके चलते लोग जल्द ही घर को वापस चले गए। दोपहर तक सड़कों पर सन्नाटा पसर गया। कुछ एक लोग जो बाहर थे उन्होंने शीतल पेय की दुकानों और गन्ना के जूस की ठेलों पर रुककर गरमी से राहत पाने की कोशिश की। हालांकि रोडवेज बस स्टैंड पर यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहां पर पीने के पानी की उचित व्यवस्था न होने पर लोगों को बोतलें खरीदकर पानी पीना पड़ा। चिकित्सकों ने भी ऐसे मौसम में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। सीएमओ डॉ. केके शर्मा का कहना है कि तापमान में एकदम वृद्धि से शरीर में पानी की कमी हो सकती है। ऐसे में साफ पानी अधिक से अधिक पीएं। साथ ही दिन में जरूरत पड़ने पर ही घर या आफिस से बाहर निकलें।
कूलर मरम्मत और खस की सजने लगीं दुकानें
मैनपुरी। गर्मी से राहत के लिए आम आदमी के बजट के अनुकूल ठंडक का सबसे महत्वपूर्ण साधन है कूलर। तापमान बढ़ते ही नगर में कई स्थानों पर कूलर की मरम्मत का काम तेजी के साथ शुरू हो गया है। जगह-जगह कूलरों में लगने वाली खस की दुकानें सज गई हैं।
नगर के स्टेशन रोड, आगरा रोड और कचहरी रोड स्थित गिहार कालोनी के समीप कूलर में ठंडी हवा के लिए खस का बाजार सज गया है। पिछले दो दिनों से तापमान में बढ़ोतरी के बाद लोग खरीदारी भी कर रहे हैं। इस बार बाजार में पैकेट में उपलब्ध खस का मूल्य 100-120 रुपये, सादा खस 60-80 रुपये प्रति किलो, प्लास्टिक ग्रिल 15-20 रुपये फीट और घरों में धूप से बचाव और ठंडक के लिए लगाई जाने वाली चिक का मूल्य 100-120 रुपया प्रति फीट चल रहा है।