संयुक्त बैंक कर्मचारी संघ के आह्वान पर बैंक संगठनों के कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से सरकार की नीतियों के खिलाफ एक दिवसीय हड़ताल की। इस दौरान स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की मुख्य शाखा के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। साथ ही नारेबाजी भी की। हड़ताल के चलते जिले में 25 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ।
शुक्रवार को संघ के आह्वान पर राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारी सुबह 10 बजे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया मुख्य शाखा के बाहर एकत्रित हुए। प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। धरना देकर वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा सरकार मनमानी नीतियां कर्मचारियों पर थोप रही है। कर्मचारी इन नीतियों को स्वीकार नहीं करेंगे। सरकार कार्य का अनावश्यक बोझ कर्मचारियों पर लाद रही है। बैंक के बकायेदारों पर वसूली नहीं करने का प्रयास कर उनको अनावश्यक रूप से लाभ पहुंचाया जा रहा है। जगन्नाथ साहू ने कहा कि सरकार कर्मचारी विरोधी रवैया अपना रही है। बैंकों का विलय कर गरीब जनता का पैसा हड़पकर बड़े व्यापारियों को लाभ पहुंचाना चाहती है। इस मौके पर आशीष पांडेय, राजीव कुमार अगिभनहोत्री, योगेश चतुर्वेदी, गौरव मिश्रा, सुधीर गोस्वामी, अवधेश श्रीवास्तव, महाराज सिंह, शशांक पांडेय आदि मौजूद थे।
एटीएम ने दिया धोखा, ग्राहक रहे परेशान
मैनपुरी। राष्ट्रीयकृत बैंकों की हड़ताल के चलते ग्राहक भी परेशान रहे। जब वह बैंक पहुंचे तो उन्हें हड़ताल की जानकारी हुई। जिनके पास एटीएम थे वह एटीएम पर पहुंच गए। एटीएम से रुपये की अधिक निकासी न होने के कारण शाम तक कई एटीएम के भी शटर गिर गए। ग्राहक एक एटीएम से दूसरे एटीएम के चक्कर काटते नजर आए।