अक्षय तृतीया पर इस बार व्यापारियों से लेकर मैरिज होम संचालकों तक को निराशा हाथ लगी। एक और ऊंचे भाव होने के कारण सोने की खरीदारी कम हुई, वहीं सहालग न होने के चलते पूरा बाजार और मैरिज होम संचालक तक हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे। बता दें कि वर्तमान में सोने के भाव 30 हजार से ऊपर हैं। जिलेभर में लगभग 30 लाख रुपये के आभूषणों की बिक्री हुई है।
उल्लेखनीय है कि पिछले वर्षों में आभूषण निर्माता से लेकर अन्य व्यापारी और मैरिज होम संचालक से लेकर आटो मोबाइल सेक्टर तक के व्यापारी अक्षय तृतीया का इंतजार करते थे। कारण इस दिन जहां बड़े पैमाने पर शादियां होती थीं वहीं लोगों में मान्यता है कि इस दिन सोने चांदी के आभूषण खरीदना शुभ होता है। इसके चलते सराफा बाजार में भी खासी रौनक रहती थी। सराफा इस दिन के लिए पहले से स्टाक रख लेते थे। इस बार भी सराफा कारोबारियों ने पहले से इस दिन के लिए तैयारी कर रखी थी। हालांकि इस बार सहालग न होने और सोने के भावों में पिछले दिनों आई जबरदस्त तेजी के चलते बाजार से लेकर मैरिज होम और आटो मोबाइल सेक्टर तक में सन्नाटा पसरा रहा।
कारण सोने के ऊंचे भाव के चलते आम खरीदारों ने इससे दूरी बनाए रखी। सराफा कारोबार से जुड़े पवन वर्मा ने बताया कि पिछले वर्षों में इस दिन जिले भर में ढाई से तीन किलो सोने की बिक्री होती थी। सहालग न होने और सोने के ऊंचे भावों के कारण इस बार बमुश्किल एक किलो सोने के आभूषण ही जिले भर में बिके हैं। वहीं सहालग न होने का असर मैरिज होम संचालकों पर भी दिखा। स्टेशन रोड स्थित एक मैरिज होम के संचालक टीपी यादव ने बताया कि सहालग न होने के चलते इस बार व्यापार में कोफी नुकसान हुआ है। इसके अलावा आटो मोबाइल सेक्टर, कपड़ा बाजार, किराना बाजार आदि में भी सहालग न होने के चलते सन्नाटा पसरा रहा। स्टेशन रोड पर स्थित एक शोरूम के संचालक राजू गंभीर और घंटा घर स्थित कपड़े की दुकान के मालिक रवि कालरा ने बताया कि सहालग न होने के चलते इस बार बाजार काफी ठंडा रहा है।