बैंक इन दिनों बदमाशों के निशाने पर हैं। चार मार्च को मैनपुरी स्थित केनरा बैंक और सोमवार को एटा स्थित बैंक में डाका डाला गया। लाखों की नगदी, गहने लेकर बदमाश भाग निकले। वारदातों ने वित्तीय संस्थानों की सुरक्षा इंतजामों की कलई खोलकर रख दी है। खास यह है कि लूट के बाद भी बैंक और पुलिस महकमे के अफसर सुरक्षा के प्रति सचेत नहीं हुए। यही कारण है कि जनपद के ज्यादातर बैंकों में अब भी सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं।
बता दें कि चार मार्च 2016 को छह बदमाशों ने दिनदहाडे कोतवाली क्षेत्र स्थित केनरा बैंक से छह लोगों के स्टाफ और उपभोक्ताओं को बंधक बनाकर लाखों रुपये लूट लिया था। तब एसपी हिमांशु कुमार ने बैंक अधिकारियों को सर्तकता बरतने के निर्देश दिए थे। पर, केनरा बैंक लूट के तीन माह बीतने के बाद भी बैंकों के सुरक्षा के इंतजाम में कोई सुधार नहीं हुआ। नगर स्थित अधिकतर बैंक के अधिकारी घटना पर सीसीटीवी फुटेज को तत्काल देखने के मामले में पूरी तरह से अनभिज्ञ हैं। कई बैंको के सायरन खराब हैं। कुछ दिनों पूर्व स्टेशन रोड स्थित बैंक में देर रात सायरन बजने से हडकंप मच गया था। इससे पूर्व स्टेशन रोड स्थित एक बैंक में भी तकनीकी खराबी से बजे सायरन ने पुलिस की नींद उड़ा दी थी। पूर्व में बैंकों के बाहर लगे एटीएम में तोड़फोड़ आदि के मामले सामने आते रहे हैं। जो कि बैंक की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान हैं।