जिले में दमकल विभाग की स्थिति ऐसी है जैसे बिना हथियारों के युद्ध के मैदान में उतरना। कारण न तो विभाग के पास पर्याप्त साधन हैं और न ही मानकों के अनुसार कर्मचारी ही उपलब्ध हैं। यही कारण है कि आग लगने के बाद जहां बड़े पैमाने पर हानि होती है। वहीं समय पर दमकल न पहुंचे पर लोग आक्रोशित हो जाते हैं। यह और बात है कि अधिकारी इतने पर भी अग्निकांड होने पर पर्याप्त सेवाएं देने का दावा करते हैं।
दमकल विभाग के पास अगिभनकांड की इन घटनाओं को रोकने के लिए पर्याप्त संसाधन तक उपलब्ध नहीं हैं। करहल में जहां एक भी दमकल नहीं है। वहीं किशनी में एक दमकल है। वह भी वर्तमान में आगरा हैं। जनपद मुख्यालय पर एक बड़ी दमकल और दो छोटी दमकल हैं। वहीं जनपद में कई ऐसे स्थान हैं जहां आग लगने पर इन वाहनों का पहुंचना नामुमकिन है। दमकल विभाग के आंकड़े बताते हैं की 89 फायर मैन की एवज में 39 कर्मी हीं विभाग में तैनात हैं। दमकल वाहनों की कमी भी विभाग की दुश्वारियां बढ़ा रही हैं।
बीते वर्ष 2015 में जनपद में अलग अलग स्थानों पर हुईं अगिभनकांड की घटनाओं में करीब 15 करोड़ से अधिक की संपत्ति जलकर खाक हुई है। वर्ष 2015 में अगिभनशमन विभाग द्वारा जारी आंकड़ों में 337 अगिभनकांड की घटनाएं दर्ज हैं। वर्ष 2016 में 31 मार्च तक 17 अगिभनकांड की घटनाएं हुईं। इनमें 16 लाख से अधिक की संपत्ति जलकर राख हुई। वहीं अप्रैल में अभी तक अगिभनकांड की 16 घटनाएं हो चुकी हैं। इसमें दो लोगों और करीब एक दर्जन से अधिक पशुओं की मौत हो चुकी है। वहीं दो बालक घायल हुए हैं। करीब 15 लाख से अधिक की संपत्त्ति जलकर राख हुई है।