श्री एकरसानंद आदर्श संस्कृत महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई का सात दिवसीय शिविर चल रहा है। शिविर के पांचवें दिन स्वयं सेवियों ने श्रमदान कर ग्रामीणों को जागरूक किया।
शिविर में स्वयं सेवियों ने समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने के लिए दीवारों पर नारा लेखन किया। कहा नशा नहीं यह नाश है, भारत का विनाश है, बेटी ऐसी सीढ़ी है, जिससे चलती पीढ़ी है। शिक्षा से अन्याय मिटाओ भाईचारा खूब बढ़ाओ। मानव, एक समान, जातिपात का मिटे निशान आदि नारे लगाए। इस दौरान डिग्री कालेज के प्रोफेसर डाक्टर राजीव रंजन ने कहा नशा मुक्ति, समाज में फैली कुरीतियों पर जागरूकता के माध्यम से काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।
कार्यक्रम अधिकारी डाक्टर विजय कुमार शुक्ल ने स्वयं सेवकों से आह्वान किया नशा मुक्त भारत, बुराई मुक्त भारत के नवनिर्माण के लिए लोगों को जागरूक करें। साथ ही स्वच्छ भारत और स्वस्थ भारत के निर्माण में योगदान करें। डाक्टर कल्पना, जितेंद्र सिंह, शैलेंद्र सिंह आदि ने विचार व्यक्त किए।