मैनपुरी। शाखा डाकघर मुड़ई पर तैनात शाखा डाकपाल निखिल वर्मा की मौत के बाद डाक अधीक्षक और डाक पर्यवेक्षक पर कई गंभीर आरोप लगे हैं। इस मामले में डाक विभाग ने उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है। लखनऊ से आए अधिकारियों की टीम ने बृहस्पतिवार को डाक अधीक्षक कार्यालय में रिकॉर्ड खंगाले।
शाखा डाकघर मुड़ई पर तैनात शाखा डाकपाल निखिल वर्मा का शव 11 जून को गांव के बाहर खेत पर बने नलकूप पर फंदे से लटका मिला था। जेब से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ था। इसमें डाक अधीक्षक सुशील कुमार और पर्यवेक्षक श्याम मुरारी तिवारी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। व
हीं जिले भर के शाखा डाकपालों ने प्रदर्शन कर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपते हुए डाक अधीक्षक, डाक पर्यवेक्षक की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की थी। जिलाधिकारी ने शाखा डाकपालों को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया था। लखनऊ से आई दो सदस्यीय टीम ने बृहस्पतिवार की दोपहर डाक अधीक्षक कार्यालय मैनपुरी पर गोपनीय तरीके से अभिलेखों की जांच की। टीम शुक्रवार को भी अन्य डाकघरों में पहुंचकर जांच करेगी।