जैन इंटर कालेज करहल के पूर्व प्रधानाचार्य सहित उनकी पत्नी की हत्या के मामले में अपर जिला जज कोर्ट के न्यायाधीश ने एक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जबकि मुकदमे की सुनवाई के दौरान तीन की मौत हो चुकी है।
थाना करहल क्षेत्र के लहटोई निवासी जैन इंटर कालेज के पूर्व प्रधानाचार्य नारायण दास दुबे करहल में रहते थे। 18 मई 2004 की सुबह पांच बजे पत्नी कृष्णा दुबे, भाई रामसेवक के साथ टहलने गए थे। लौटते समय कालेज के पास दंपति की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। रामसेवक ने दोहरे हत्याकांड की रिपोर्ट लहटोई निवासी दीप नरायन सहित तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच के बाद दीप नरायन सहित चार लोगों को दोषी पाकर उनके खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में भेज दी।
मामले की सुनवाई अपर जिला जज गुरुप्रीत सिंह बाबा की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने घटना का समर्थन करते हुए कोर्ट में गवाही दी। सहायक शासकीय अधिवक्ता अनूप सिंह यादव ने आरोपी के अपराध को देखते हुए कड़ी सजा देने की दलील दी। उनकी दलीलों तथा गवाही के आधार पर देवेंद्र उर्फ पप्पू को दोषी पाकर अपर जिला जज ने उसे आजीवन कारावास तथा 25 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं देने पर उसको दो साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। निर्णय सुनाए जाने के बाद उसको हिरासत में लेकर जेल भेजा है।
पीड़ित को मिलेंगे 20 हजार रुपये
मैनपुरी। हत्याकांड की रिपोर्ट लिखाने वाले पीड़ित को जुर्माने की धनराशि में से 20 हजार रुपये और बाकी के बचे पांच हजार रोजकोष में जमा कराए जाएंगे।
तीन आरोपियों की हो चुकी है मौत
दोहरे हत्याकांड में पुलिस ने दीपनरायन के अलावा श्रवण कुमार, सुनील कुमार, देवेंद्र उर्फ पप्पू को दोषी पाकर चार्जशीट कोर्ट में भेजी थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान ही दीपनरायन, श्रवण कुमार, सुनील कुमार की मौत हो चुकी है।