मैनपुरी। आंधी और बारिश के दौरान गुरुवार को जिले में एक छात्रा और एक महिला की मौत हो गई। दोनों घटनाएं किशनी क्षेत्र में हुईं। इटावा रोड पर झिंझाई के समीप बन रहे दो गोदामों की दीवारें भरभरा कर गिर गईं। गोदाम बनाने के काम में लगे मजदूर बाल-बाल बच गए। दिन भर गर्मी के बाद साढे़ तीन बजे के करीब तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने गर्मी से राहत दी है। आसमान पर छाए बादल और तेज हवाएं जारी रहने से बारिश होने की उम्मीद बढ़ी है। न्यूनतम तापमान गिरकर 22.4 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। जबकि अधिकतम तापमान भी 42.8 डिग्री सेल्सियस रहा।
गुरुवार को सुबह से ही तेज हवा शुरू हो गई। इससे तापमान में गिरावट आई लेकिन दोपहर में तेज धूप के चलते अचानक गर्मी बढ़ गई। करीब साढ़े तीन बजे आसमान पर अचानक घनघोर काली घटाएं छा गईं और साढ़े तीन बजे के बाद तेज हवाओं के साथ अचानक बारिश शुरू हो गई। किशनी क्षेत्र में बारिश के साथ आई आंधी के दौरान करीब चार बजे ग्राम भवानीगढ़ निवासी रामसनेही सविता की पत्नी शांती देवी (48) घर के बाहर रखी झोपड़ी में जाकर बैठ गईं। इस दौरान झोपड़ी गिरने से शांती देवी की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, करीब चार बजे ही ग्राम पदमनेर निवासी बेचेलाल पाल की पुत्री शीलम (15) तेज आंधी के बीच घर की बाउंड्रीवाल से सटकर खड़ी हो गई। आंधी और बारिश से अचानक दीवार भरभरा कर गिर गई। मलबे में दबकर शीलम की मौत हो गई। शीलम कक्षा आठ की छात्रा थी। शीलम और शांती देवी की मौत से दोनों ही घरों में कोहराम मच गया है।
तहसीलदार भोगांव कृपाशंकर यादव ग्राम भवानीगढ़ और पदमनेर पहुंचे और घटना की जानकारी लेने के बाद दोनों का पोस्टमार्टम कराने के निर्देश दिए। तहसीलदार ने बताया कि दोनों ही परिवारों को दैवीय आपदा के तहत आर्थिक मदद दी जाएगी।
इटावा बाईपास रोड पर ग्राम झिंझाई के निकट ब्रजेंद्र सिंह राठौर द्वारा बनवाए जा रहे सिद्धि वेयरहाउस के दो गोदाम की दीवारें गिर गईं। शाम चार बजे आंधी आने पर मजदूर कुछ दूर हट गए थे अन्यथा कोई बड़ा हादसा भी हो सकता था। गोदाम की दीवारें गिरने से निर्माण कार्य के लिए रखा सामान भी मलबे में दब गया।
आंधी से ग्रामीण क्षेत्रों में टिनशेड और छप्पर उड़ गए। कई स्थानों पर पेड़ों की डालें टूट गईं। आंधी का प्रकोप शहर में कम किशनी और करहल क्षेत्र में अधिक रहा।
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तेज हवाओं ने उड़ाई देहात की बिजली
सुबह से ही तेज हवाएं शुरू होने से देहातों और कस्बों की बिजली गुल हो गई। ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर पुराने झूलते जर्जर आपस में टकराकर टूट गए। वहीं तेज हवा को देख विभागीय अधिकारियों के निर्देश पर देहातों और कस्बों की बिजली विद्युत उप स्टेशनों से काट दी गई। देर शाम तक देहातों में विद्युत आपूर्ति सुचारु नहीं हो सकी थी।