मैनपुरी। विश्व तंबाकू निषेद्य दिवस चुपके से गुजर गया। सरकारी और गैर सरकारी संगठनों ने इस दिवस पर कोई आयोजन नहीं किया। वहीं सिगरेट के कश लगाते और तंबाकू खाते युवा आम दिनों की तरह ही नजर आए।
शुक्रवार को विश्व तंबाकू दिवस पर जिले में कोई आयोजन नहीं किया गया। स्कूल-कालेजों की 200 मीटर की परिधि में तंबाकू-सिगरेट आदि की दुकानों पर लगाए गए प्रतिबंध की याद इस दिवस पर भी किसी को नहीं आई। नगर के अधिकांश स्कूल-कालेजों के 200 मीटर की दूरी पर तो दूर चंद कदम पर ही खोखों और दुकानों पर खुलेआम सिगरेट और तंबाकू की बिक्री होती नजर आई। दुकानदारों का कहना है कि उन्हें इस प्रतिबंध के बारे में जानकारी ही नहीं है। स्टेशन रोड स्थित एक कान्वेंट स्कूल से चंद कदम की दूरी पर पानी-बीड़ी के खोखे को चलाने वाले रमेश का कहना था कि यदि प्रतिबंध के बारे में जानकारी या कार्रवाई हो तो स्कूलों के पास इन्हें कोई न बेचे।
क्रिश्चियन मैदान के समीप सिगरेट के कश लगाते दो युवाओं ने कहा कि उन्हें नहीं मालूम कि आज कौन सा दिवस है। तंबाकू खरीद रहे चंचल ने कहा कि तंबाकू पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। जब तक तंबाकू की बिक्री होती रहेगी तब तक इसे खाने वालों की संख्या भी बढ़ती रहेगी। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. धर्मेंद्र सिंह का कहना था कि धूम्रपान मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक है। मैनपुरी में तंबाकू के अधिक चलन का ही परिणाम है कि यहां मुंह और गले के कैंसर रोगी सर्वाधिक संख्या में पाए जाते हैं।