सहारा। प्रदेश सरकार की मंशा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोगियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलें। शत प्रतिशत बच्चों का नि:शुल्क टीकाकरण किया जाए। डीएम और सीएमओ भी समय-समय पर निर्देश देते रहते हैं। इसके बाद भी स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सहारा पर मंगलवार को ‘अमर उजाला’ टीम ने व्यवस्थाएं देखीं। इस दौरान यहां कई अव्यवस्थाएं मिलीं।
नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सहारा पर दोपहर 12 बजे चिकित्साधिकारी नदारद थे। केंद्र पर आए रोगी मनीराम का कहना था कि चिकित्साधिकारी यदाकदा ही केंद्र पर आते हैं। संविदा पर तैनात चिकित्सक ही केंद्र पर नजर आते हैं। कई बार शिकायतें भी हुईं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामवासी बलवीर ने आरोप लगाया कि उनके बच्चे के टीकाकरण के लिए संविदा पर तैनात एएनएम ने दस रुपये लिए। मोहनलाल का कहना था कि एएनएम बिना पैसे के टीकाकरण ही नहीं करतीं। मजबूरन 10-15 रुपये देकर टीकाकरण कराना पड़ता है। उन्होंने भी पैसे देकर टीकाकरण कराया है।
सहजोर सिंह का कहना था कि अस्पताल में बेहतर चिकित्सीय सेवाओं के लिए कई बार शिकायत की गई। इसके बाद भी कोई सुधार नहीं होता। पप्पू कठेरिया का कहना है कि एएनएम की पहुंच काफी ऊपर तक हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वह डीएम और सीएमओ को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग करेंगे। वहीं, सीएमओ डॉक्टर वीके गुप्ता का कहना है कि टीकाकरण पर कोई पैसा नहीं लिया जा सकता। वह इसकी जांच कराकर कार्रवाई करेंगे।